Monday, 4 May 2015

चलना होगा साथ

जम्मू-कश्मीर के विकास पर, चलना होगा साथ
राष्टड्ढ्र के हित में करनी होगी, अब तो सारी बात।
अब आंतकवाद की गंध, न केसर क्यारी में फैले
राष्टड्ढ्र-प्रेम, विश्वास, एकता पर, न हो अब आघात।।
        अपने पांव पर आप कुल्हाड़ी मारी, कुछ दीवानो ने।
        मानवता को लज्जित कर डाला, ऐसे इंसानों ने।।
        इस सुन्दर घाटी का समुचित विकास रुक गया यूं।
        बरसों लग जायेगें इसको विकसित कर पाने में।।

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