Wednesday, 29 April 2015

राजस्थान में खनन माफिया चट कर गए पहाड़ भी

राजस्थान के मेवात क्षेत्र में खनन माफियाओं का खौफ किस कदर बढ़ता जा रहा है इसकी बानगी तब देखने को मिली जब प्रदेश के खुफिया विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) उत्कल रंजन साहू ने अलवर के एसपी विकास कुमार को हाल ही चिट्ठी लिखकर खनन माफियाओं से सतर्क रहने को कहा. चिट्ठी में कहा गया था, ''अलवर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से खनन माफियाओं और मेव कट्टर पंथियों में नाराजगी है. उनसे आपकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है. '' दरअसल कुमार ने अलवर में अवैध खनन के खिलाफ सघन अभियान चला रखा है. जनवरी 2014 से अब तक उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ एक हजार से अधिक कार्रवाई की और सात सौ से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. फिर भी अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली जिले में अवैध खनन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है. यहां खनन माफियाओं की आपस में या पुलिस से आए दिन हिंसक झड़पें होने लगी हैं.
बीती 2 अप्रैल को भरतपुर जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के नागल क्रेसर जोन में खनन माफियाओं के दो गुटों में हुई झड़प में दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि पांच अन्य घायल हो गए थे. इस घटना के कुछ ही दिन पहले, 18 मार्च को करौली जिले के मासलपुर थाना क्षेत्र में खनन रोकने गई पुलिस पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया था. यहां से पुलिस ने पत्थरों से भरा एक ट्रक और खनन मशीन जब्त की थी. अवैध खनन के मुख्य केंद्र अलवर में तीन साल में खनन माफिया ने पचास से ज्यादा बार पुलिस और वन विभाग के दल पर हमला किया है. 16 फरवरी को अलवर के ही राजगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन ग्रीन अभियान के दौरान झोपड़ी नांगल गांव के पास अवैध खनन कर पत्थर ले जा रहे दो ट्रैक्टर चालकों ने वन विभाग की सरकारी गाड़ी को पचास फुट तक घसीट दिया था.

सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद बेहद हिंसक हो चुके खनन माफिया अलवर स्थित अरावली की पहाडिय़ों में अवैध खनन लगातार जारी रखे हुए हैं. अवैध खनन की वजह से ही भिवाड़ी, टपूकड़ा, तिजारा और किशनगढ़बास क्षेत्र से पहाडिय़ां गायब होती जा रही हैं. अलवर में डीएफओ रह चुके पी.काथिरवेल के आकलन के मुताबिक भिवाड़ी क्षेत्र में खनन माफियाओं ने बीते 15 साल में 50 हजार करोड़ रु. का अवैध खनन किया है और खनन इसी रफ्तार से जारी रहा तो इस क्षेत्र के पहाड़ तीन साल में खत्म हो जाएंगे. वन विभाग की ही एक रिपोर्ट बताती है कि टपूकड़ा क्षेत्र के चूहड़पुर, उधनवास, उलावट, ग्वालदा, इंदौर, सारे कलां, सारे खुर्द, खोहरी कलां, मायापुर, छापुर, नाखनौल, कहरानी, बनबन, झिवाणा, निंबाड़ी में हरियाणा के माफिया भी व्यापक स्तर पर फैले हुए हैं. और यहां के करीब एक हजार हैक्टेयर इलाके में पहाड़ खत्म हो चुके हैं. यहां पहाड़ों के खत्म होने के कगार पर पहुंचने के बाद माफियाओं ने तिजारा और किशनगढ़बास में अपना कारोबार फैलाया और नीमली, बाघोर, देवता, मांछा क्षेत्र के पहाड़ों में खनन शुरू कर दिया है.

काथिरवेल के मुताबिक, 1998 से 2003 के बीच एक हजार वाहनों से प्रति दिन दो ट्रिप के हिसाब से छह हजार करोड़ रु. का अवैध खनन हुआ. इसी तरह 2003 से 2008 के बीच 12 हजार करोड़ रु. और 2008 से 2013 के बीच 30 हजार करोड़ रु.का अवैध खनन हुआ है.

खनन रोकने में सबसे बड़ी परेशानी है इस कारोबार से जुड़े लोगों के पास भारी मात्रा मंड विस्फोटक और अवैध हथियारों का होना, जिनके मुकाबले पुलिस के संसाधन पर्याप्त नहीं हैं. धौलपुर के एसपी राजेश सिंह कहते हैं, ''खनन माफिया के लोग गुट बनाकर चलते हैं. ये लोग खनन के रास्ते में आने वाले की जान लेने से परहेज नहीं करते चाहे वह कितना बड़ा अधिकारी ही क्यों न हो. ''

हिंसक रुख अख्तियार कर चुके खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब उनके डंपर पुलिस चौकी, थानों और वन विभाग की चौकियों के सामने से बेखौफ निकलते हैं. और अपने खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने से वे डरते नहीं.

बूस्टर सीजन -4 का फाइनल नौ जून को

आबूलेन पीपीपी कांफ्रेंस हॉल के निकट स्थित बीट्स ऑफ डांस के डांस बूस्टर सीजन-4 का ऑडीशन मेरठ रॉकर्स एकेडमी में किया गया। ऑडीशन में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बीट्स ऑफ डांस के डायरेक्टर समीर खुर्शीद ने बताया कि डांस बूस्टर सीजन का तीसरा और आखिरी ऑडीशन तीन मई को होगा। इसका फाइनल नौ जून को होगा। इस मौके पर डांस इंडिया डांस की कोरियोग्राफर गीता कपूर बच्चों के हुनर को परखेंगी। दूसरे ऑडीशन में जज के रूप में दिव्या जैन, मीता, समीर खुर्शीद रहे।

दुश्मन मिले सबेरे लेकिन मतलबी यार न मिले

नौचंदी के पटेल मंडप में मंगलवार रात लखनऊ से पहुंचे भोजपुरी अवध गायक सुरेश कुशवाहा एंड ग्रुप ने रंगारंग प्रस्तुति पेश करते हुए समां बांध दिया। कलाकारों के ग्रुप ने भोजपुरी गीतों के साथ नृत्य कर दर्शकों की तालियां बटोरीं।
शुभारंभ विशाल कुमार ने साई भजन से किया। भोजपुरी गायक सुरेश ने मंच संभाला और भोजपुरी स्टाइल में भगवान शिव की स्तुति का गुणगान किया। 'रटन कहने लगी राम ही राम' गीत के बाद सुरेश ने 'दुश्मन मिले सबेरे लेकिन मतलबी यार न मिले' गीत गाकर प्रेम भावना से रहने का संदेश दिया। समाज में बढ़ती जा रही दहेज प्रथा को 'दूल्हे का मुंह जैसे फैजाबादी बंडा, दहेज में मां-बाप मांगे हीरो-होंडा' से बयां कर दहेज लोभियों को करारा जवाब दिया। 'यदि घर-घर के रगड़े-झगड़े आपस में मिट जाएंगे, गांधी के पुजारी खद्दर वाले कहां जाएंगे' गीत सुनाकर राजनीति के गिरते स्तर पर तीखा कटाक्ष किया। इसके बाद गायिका जया ने मंच संभाला। उन्होंने 'रेलिया बैरन पिया को लिया जाए रे, दीन भर चाहे जहां रही हो हमार पिया' गीत की नृत्य के साथ रंगारंग प्रस्तुति दी। भोजपुरी कलाकारों के ग्रुप में आफाक वारसी ने ढोलक, लालधर वर्मा ने आर्गन, सिबले ने बैन्जों के अलावा पैड पर शिवम व जयनाथ यादव ने झींका पर सुरीले संगीत से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

Tuesday, 28 April 2015

पूरी तरह अभी भी पटरी पर नहीं आई सफाई व्यवस्था

नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था अभी भी पूरी तरह पटरी पर लौटती नहीं दिख रही है। ग्यारह दिन की हड़ताल जब रविवार को टूटी तो अफसरों ने राहत की सांस ली थी। मंगलवार को नगर निगम कर्मचारी सुबह से सफाई करने के लिए जुटे। सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों की अगुवाई में टीमें बनकर चलीं। मुख्य सड़कों के साथ ही चौराहों पर अभियान चलाया गया। कई कालोनियों से भी कूड़े का उठान हुआ।
यहां हुई सफाई
मंगलवार को बेगमपुल, हापुड़ अड्डा, गांधी आश्रम, तेजगढ़ी चौराहा, बच्चा पार्क, घंटाघर, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा आदि मुख्य चौराहों के साथ ही सड़कों पर सफाई की गयी। सड़कों पर मिट्टी व कूड़े को इकट्ठा कर ट्रालियों व निगम गाड़ियों से उठान किया गया। इसके अलावा मोहल्लों में भी सफाई की सुध ली गयी। हालांकि कई मोहल्ले मंगलवार को भी सफाई की बाट जोहते रहे। साकेत, मानसरोवर कालोनी, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, अजंता कालोनी, दामोदर कालोनी, प्रेमप्रयाग, गंगानगर, पंचशील कालोनी, बैंक कालोनी, सूरजकुंड, फूलबाग कालोनी, नेहरूरनगर आदि क्षेत्रों के कई मुहल्लों में सफाई कर्मी दिखे। पुराना इकट्ठे कूड़े का उठान किया गया। वहीं इन कालोनियों के कुछ मोहल्लों के साथ ही शहर के कई इलाकों में गंदगी के अंबार लगे रहे। नगर आयुक्त एसके दुबे ने कहा कि सफाई व्यवस्था पटरी पर आ गयी है, एक-दो दिन में व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।

अभियान चला शराबी चालकों की धरपकड़

शराब पीकर दोपहिया और चौपहिया वाहनों को ड्राइव करने वाले लोगों की अब खैर नहीं है। ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार रात से अभियान चलाया। पुलिस का अभियान बेगमपुल और जीरोमाइल के अलावा कई मुख्य चौराहें पर चला, जिसमें करीब दो दर्जन से अधिक वाहनों के चालन और कई वाहन सीज किए गए।
वाहन चेकिंग के अभियान की कमान खुद ट्रैफिक सीओ बीएस वीर कुमार ने संभाल रखी थी। चार टीएसआई और पुलिसकर्मियों को जगह-जगह लगाकर वाहनों की घेराबंदी की गई। कई कारों में शराब की बोतलें, सोड़ा और नमकीन के पैकेट मिले। वहीं दोपहिया वाहन चालकों के मुंह में एलकोहल मीटर लगाकर जांच की गई। जिन वाहन चालकों की जांच में शराब पीना आया, उनका चालान काटा गया और जिनके पास वाहन के कागजात नहीं थे, उनको सीजा किया गया। बेगमपुल पर चेकिंग में एक बाइक चालक को रोका गया, लेकिन उसने बाइक तेज कर दी। घेराबंदी कर चालक को दबोचकर सड़क पर उसकी धुनाई की गई। पुलिस चेकिंग को देख कई वाहन चालक को काफी दूर से ही वापस हो गए।

मदद को बढ़ाए हाथ

मेरठ : नेपाल में आए भूकंप में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न स्थानों पर शोक सभाएं हुई। इस दौरान लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी और मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

भारतीय बौद्ध महासभा की ओर से बुद्ध विहार में लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान महेंद्र सिंह, ललित बौद्ध, रवि कुमार, पवन कुमार, यशपाल, श्री पाल आदि मौजूद थे। नोबल पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं ने कैंडल मार्च निकालकर दो मिनट का मौन धारण किया। श्रद्धांजलि देने वालों में प्रिंसिपल संतोष मेहता, अनिल चौधरी और अमित चौधरी शामिल रहे। डा. भीमराव अंबेडकर कल्याणकारी सेवा संस्थान के कार्यालय पर बैठक हुई, जिसमें आपदा में मारे गए लोगों को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मोहन लाल सहगल, डा. सेवा राम कैन, जौहरी मल, रीना गौतम कैली, चतर सिंह, ज्योति प्रसाद जाटव आदि उपस्थित रहे।

उधर, भूकंप पीड़ितों की आर्थिक मदद के लिए अब अधिवक्ता भी आगे आ गए हैं। उन्होंने बुधवार से पीड़ित परिवारों की मदद के लिए धनराशि एकत्र करने का निर्णय लिया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव कुमार त्यागी व महामंत्री संदीप चौधरी ने बताया कि भूकंप पीड़ितों की आर्थिक मदद के लिए बुधवार से कचहरी में धनराशि एकत्र करेंगे। धनराशि डीएम पंकज यादव को सौंपी जाएगी।

केदारनाथ: जहां मौत भी देती है उपहार

हिंदू धर्म में बहुत से तीर्थ स्थल हैं जिनकी यात्रा का अपना-अपना महत्व है लेकिन जब तक चार धाम यात्रा न कर लें तब तक यात्रा अपूर्ण ही रहती है। यह चार धाम है:- बद्रीनाथ, द्वारिकाधीश, जगन्नाथ और रामेश्वरम। मान्यता है की श्री हरि विष्णु बद्रीनाथ में स्नान करते हैं, द्वारिकाधीश में वस्त्र पहनते हैं, जगन्नाथ में भोजन करते हैं और रामेश्वरम में विश्राम करते हैं। शास्त्रों के अनुसार बारह ज्योतिर्लिंगों में केदारनाथ में स्थापित ज्योतिर्लिंग सबसे ऊंचे स्थान पर है।
धर्म शास्त्रों के अनुसार भविष्यवाणी की गई है की इस सारे क्षेत्र में जितने भी तीर्थ विद्यमान हैं वह सारे आने वाले समय में लुप्त हो जाएंगे। मान्यता है कि जब नर और नारायण पर्वत आपस में मिल जाएंगे उस दिन बद्रीनाथ का रास्ता पूर्ण रूप से बंद हो जाएगा। बद्रीनाथ के दर्शन सदा के लिए बंद हो जाएंगे। उत्तराखंड में धटित प्राकृतिक आपदा इस ओर संकेत करती है। भविष्य में बद्रीनाथ धाम और केदारेश्वर धाम अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और फिर लंबे समय के उपरांत भविष्य में भविष्यबद्री नाम से नए तीर्थ का उद्गम होगा।