Monday, 27 April 2015

IB अलर्ट, दिल्‍ली में ड्रोन से हमला कर सकते हैं आतंकी!

दिल्ली में एक बार फिर आतंकी हमले को लेकर खुफिया ब्‍यूरो (आईबी) ने दिल्ली पुलिस को चेताया है। आईबी का कहना है कि दिल्ली शहर में ड्रोन के जरिए हमले का खतरा है। इसलिए दिल्ली पुलिस को जारी चेतावनी में खुफिया एजेंसी ने ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्तियों पर नजर रखने को कहा है।
आईबी की इस चेतावनी के बाद अब दिल्ली पुलिस के डीसीपी स्तर के अफसर ड्रोन उड़ाने वालों पर नजर रखेंगे। वहीं, मुंबई हमले के मास्टर माइंड व लश्कर आतंकी जकीउर रहमान लखवी के पिछले दिनों पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद खुफियां एजेंसियां विशेष सर्तकता बरत रही हैं, ताकि ऐसी किसी भी योजना को विफल किया जा सके।

दुनिया में अमर रहने वाला व्यक्ति हो चुका है पैदा: साइंटिस्ट का दावा

एक ऐसा व्यक्ति जो कभी भी मरे नहीं और सभी बीमारियों से मुक्त हो, क्या संभव है? और हां, अगर यह संभव है तो उसे अमर ही माना जाएगा। हाल ही में लंदन स्थित कैंब्रिज यूनिनर्सिटी के एक साइंटिस्ट ने दावा किया है कि ऐसे ही अमर व्यक्ति का जन्म हो चुका है । जेरॉन्टोलॉजिस्ट (उम्र के बारे में सभी पहलुओं से अध्ययन करने वाला) वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत औब्रे डी ग्रे का कहना है कि अगर लोग यह सवाल करते हैं कि क्या दुनिया में किसी ऐसे व्यक्ति का अस्तित्व संभव है जो काफी वर्षों से जिंदा हो और उसे किसी भी तरह की बीमारी न हो, तो उन्हें मेरा जवाब होगा कि ऐसी संभावना बहुत ज्यादा है कि ऐसा व्यक्ति जिंदा है।
कैलिफॉर्निया स्थित स्ट्रैटजी फॉर इंजीनियर्ड नेग्लिजिबल सिनेसेंस (एसईएनएस) रिसर्च फाउंडेशन के को-फाउंडर डी ग्रे ने कहा कि इसकी 80 फीसदी से ज्यादा संभावना है कि ऐसे लोग हैं। उन्होंने कहा कि अमरत्व एक जिंदा शब्द है और इस शब्द का इस्तेमाल करना गलत नहीं है। डी ग्रे के मुताबिक, अमरत्व का मतलब होता है किसी भी बीमारी से पूरी तरह सुरक्षा। इसके कारण किसी भी व्यक्ति की बढ़ती उम्र का उसके स्वास्थय पर असर नहीं पड़ता है और वह मौत की वजहों को दरकिनार करता रहता है।

9000 एनजीओ के पंजीकरण निरस्त

विदेश से चंदा लेने वाले गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) पर एक और कड़ी कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में सरकार ने विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन करने वाली 8,975 गैर सरकारी संगठनों के पंजीकरण रद कर दिए हैं।
गृह मंत्रालय ने अपने एक आदेश में कहा है कि साल 2009-10, 2010-11 और 2011-12 के लिए सालाना रिटर्न नहीं भरने वाले 10,343 एनजीओ को नोटिस जारी किए गए थे। गत वर्ष 16 अक्टूबर को जारी किए गए इन नोटिसों में कहा गया था कि वे एक माह के भीतर अपने-अपने सालाना रिटर्न दाखिल करें। इसमें उन्हें यह भी बताना था कि विदेश से उन्हें कितना चंदा मिला, चंदे का स्रोत और इसे लेने के पीछे उद्देश्य क्या था। साथ ही यह जानकारी भी देनी थी कि एनजीओ ने इस चंदे का क्या उपयोग किया।
रविवार को गृह मंत्रालय से जारी अधिसूचना के अनुसार, 10,343 एनजीओ में से महज 229 ने ही अब तक जवाब दिए हैं। इससे पहले, सरकार ग्रीनपीस इंडिया का एफसीआरए लाइसेंस निरस्त कर चुकी है। साथ ही कथित रूप से कई कानूनों का उल्लंघन करने पर उसके सात बैंकों के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। गत सप्ताह सरकार ने अपने आदेश में कहा था कि कोई भी बैंक, गृह मंत्रालय से आवश्यक अनुमति लिए बगैर, अमेरिका की फोर्ड फाउंडेशन से प्राप्त होने वाली किसी भी राशि को, किसी भी भारतीय एनजीओ के खाते में जारी नहीं करे।

भविष्यवाणी: फिर मिल रहे हैं प्राकृतिक आपदाओं के संकेत

शनिवार दिनांक 25.04.15 को सुबह 11 बजकर 41 मिनट पर आए 7.9 तीव्रता के भीषण भूकंप से नेपाल, उत्तरपूर्व भारत, बंगलादेश इत्यादि देशों मे तबाही मच गई है। हजारों की तादात में लोगों की मृत्यु हुई है वहीं दूसरी ओर असंख्य इमारतें भी धराशाई हुई हैं। 24 जून 2013, उत्तर भारत में भारी बारिश के कारण उत्तराखण्ड में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई तथा इस भयानक आपदा में भी हजारों की संख्या मे लोग मारे गए थे। बीते कई दशकों में ऐसी कई प्राकृतिक आपदाएं हमें संकेत देती है कि मानव मस्तिष्क व तकनीकी विज्ञान मिलकर भी प्रकृति के स्वाभाव को समझ नही पाएं हैं। आज के इस वैज्ञानिक युग में भी अभी तक मौसम, वर्षा, बाड़, भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट आदि उत्पातों का सटीक अनुमान लगाना असंभव है। सुनामी व भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा का रहस्य अभी तक सुलझाया नहीं जा सका है।
नवसंवत्सर की प्रातः अर्थात शाक संवत 1937 व विक्रम संवत 2072 के सूर्योदय कालीन कुंडली के अनुसार अर्थात शनिवार दिनांक 21.03.15 की प्रातः 06 बजकर 26 मिनट की कुंडली के आधार पर सूर्य, चंद्र, मंगल, शुक्र व वृहस्पति राहु व केतु के मध्य मे स्थित थे। विक्रम संवत 2072 के राजा शनिदेव हैं तथा मंगलदेव इस वर्ष के मंत्री हैं। यह दोनों ग्रह एक दुसरे के परम शत्रु हैं। शुक्रवार दिनांक 20.03.15 चैत्र अमावस्या के दिन संपूर्ण खगोलीय सूर्य ग्रहण लगा था तथा शनिवार दिनांक 04.04.15 चैत्र पूर्णिमा के दिन संपूर्ण खगोलीय चंद्रग्रहण लग था। दोनों ग्रहण 16 दिन के अंतराल पर लगे थे। इस से तात्पर्य यह है कि विक्रम संवत 2072 का आधा हिस्सा अर्थात मंगलवार दिनांक 13.10.15 शारदीय नवरात्र की घट स्थापना तक का समय भूकंप सुनामी व प्राकृतिक आपदाओं हेतु अत्यधित प्रलयंकारी सिद्ध हो सकता है।
इस वर्ष शनिवार दिनांक 21.03.15 से मंगलवार दिनांक 13.10.15 तक का यह लगभग 6 महीने का समय अनेक प्राकृतिक आपदाओं के संकेत दे रहा है। इस समयावधि में कुछ ऐसे दिन, नक्षत्र और तारीखें हैं जो अशुभता का हमें संकेत दे रही हैं। इस छ: महीने की आवधि ये तारीखें इस प्रकार हैं।
1. दिनांक 28.04.2015 इस दिन मंगलवार है व केतु का नक्षत्र मघा भी है तथा अंकशास्त्र के अनुसार इस दिन का समग्र अंक 4 है जो राहू को संबोधित करता है।
2. दिनांक 02.05.2015 इस दिन शनिवार है व मंगल का नक्षत्र चित्रा भी है तथा अंकशास्त्र के अनुसार इस दिन का समग्र अंक 6 है जो शुक्र को संबोधित करता है।
3. दिनांक 05.05.2015 इस दिन मंगलवार है व शनि का नक्षत्र अनुराधा भी है तथा अंकशास्त्र के अनुसार इस दिन का समग्र अंक 9 है जो मंगल को संबोधित करता है।
4. दिनांक 12.05.2015 इस दिन मंगलवार है व राहू का नक्षत्र शतभिषा भी है तथा अंकशास्त्र के अनुसार इस दिन का समग्र अंक 7 है जो केतु को संबोधित करता है।
5. दिनांक 23.05.2015 इस दिन शनिवार है व शनि का नक्षत्र पुष्य भी है तथा अंकशास्त्र के अनुसार इस दिन का समग्र अंक 9 है जो मंगल को संबोधित करता है।
इस वर्ष पुनः रविवार 13 सितंबर 2015 के दिन हिंद महासागर के दक्षिणी छोर में आंशिक सूर्यग्रहण पड़ रहा है तथा सोमवार 28 सितंबर 2015 के दिन आंशिक चंद्रग्रहण भी लग रहा है। पुनः एक पक्ष अर्थात 16 दिन के अंतराल पर दो ग्रहण पड़ रहे हैं। प्राकृतिक आपदा अत्यधिक रूप से अरब खाड़ी से सटे देशों, अफ्रीका, हिमालय का तलहटी क्षेत्र, पूर्वी अफ़्रीका महाद्वीप के देश, पश्चिमी रूस और यूरोपीय देशों में देखे जाएंगे।

राहत अभियान के साथ भूकंप के एपीसेंटर पहुंची भारतीय सेना, काठमांडु तक सड़क खोली

भारतीय सेना भूकंप के एपीसेंटर बारपाक गांव में पहुंच गई है. ये गांव नेपाल के गोरखा जिले में लामजंग के पास है. इस गांव में आपरेशन मैत्री का दायरा बढ़ाते हुए भारतीय सेना ने सोमवार को राहत अभियान चलाया.
वहीं, दूसरी ओर सेना के इंजीनियरों ने भारत से काठमांडू तक की सड़क खोल दी. भारत से काठमांडू तक सड़क खोलने का मतलब है कि राहत सामग्री और उपकरण अब सड़क के रास्ते से भी भेजे जा सकते हैं.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'बारपाक भूकंप का असल एपीसेंटर है, जिस वजह से शनिवार को नेपाल में तबाही मची. बारपाक गांव में झटके बहुत तेज थे, हेलीकॉप्टर से ही 150 शव देखे गए थे. अब यहीं पर टास्क फोर्स राहत कार्य और सड़क मार्ग खोलने में जुटी है, जिससे नेपाल के हर कोने में संभव मदद पहुंचाई जा सके.'
विनाशकारी भूकंप के बाद ऐसी सामग्री पहले केवल हवाई मार्ग से ही भेजी जा रही थी. सेना के अधिकारियों ने बताया कि नेपाल सेना की ओर से व्यक्त की गई प्राथमिकताओं के तहत काठमांडु में मेजर जनरल जे एस संधू के नेतृत्व में एक टास्कफोर्स हेडक्वाटर बनाया गया है.
एक अन्य टास्कफोर्स बारपाक में ब्रिगेडियर जे गामलिन के नेतृत्व में चल रही है. नेपाल भेजे जाने वाले उपकरण के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा, नेपाल को वही सहायता भेजी जा रही है, जिसकी मांग नेपाल सेना कर रही है. हम उनकी जरूरत के मुताबिक मदद कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि नेपाल भारतीय कर्मी नहीं बल्कि उपकरण और विशेषग्यता मांग रहा है. अधिकारियों ने भारतीय सेना के राहत अभियान के बारे में कहा कि रविवार को इंजीनियर टास्कफोर्स ने काठमांडु से पोखरा तक की सड़क खोल दी. उन्होंने कहा कि नेपाली मिलिट्री हेडक्वाटर और भारतीय सेना इंजीनियर टास्कफोर्स के बीच एक उपग्रहीय संचार सम्पर्क स्थापित किया गया है. इसके साथ ही काडमांडु में एक मूवमेंट कंट्रोल टीम स्थापित की गई है


ज्योतिर्लिंग केदारनाथ के कपाट खुले

भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ के कपाट शुक्रवार की सुबह परम्परागत विधि विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चार और सेना के बैण्ड की धुन के बीच ग्रीष्मकाल में दर्शन के लिए खुल गए. गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 21 अप्रैल को खुल गए थे और बद्रीनाथ के कपाट 26 अप्रैल को खुलने हैं.
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, पूर्व निर्धारित लग्नानुसार शुक्रवार को प्रात: 8 बज कर 50 मिनट पर रुद्रप्रयाग के जिला प्रशासन और मंदिर समिति के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समुद्रतल से 3581 कि.मी. की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर के सीलबन्द कपाट खोले गए. इसके साथ ही मंदिर में दर्शन कार्यक्रम शुरू हो गया.
शुक्रवार की सुबह जिला प्रशासन, मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर के दक्षिणी गेट की सील खोली गई. फिर रावल, मुख्य पुजारी मंदिर समिति के कर्मचारियों और हक-हकूकधारियों के मंदिर में प्रवेश के बाद गर्भ गृह पर लगी सील खोली गई. इसके बाद मुख्य द्वार भी खोला गया. 25 अप्रैल को भैरवनाथ के कपाट खोलने के बाद केदारनाथ में सुबह की दैनिक पूजा एवं अन्य विधि विधान संपन्न किए जाएंगे.
गोदियाल के अनुसार, इस अवसर पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, राज्यपाल डॉ के.के. पॉल, मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अंबिका सोनी, जितिन प्रसाद और राज्य कैबिनेट के कई सदस्य उपस्थित थे. इन दिनों पूरा केदारनाथ धाम बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है. इस अवसर पर प्रख्यात सूफी गायक कैलाश खेर भी धाम में मौजूद थे.
शीतकाल में केदार की पूजा उनके शीतकालीन गद्दी स्थल उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में होती है. वहां से केदार की डोली कल शाम ही केदारधाम पहुंची थी. केदारनाथ जाने के लिए ऋषिकेश से 207 किलोमीटर तक वाहन से गौरीकुण्ड तक जाना पड़ता है फिर वहां से लगभग 19 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है. बैकुण्ठ धाम के नाम से भी विख्यात बद्रीनाथ के कपाट 26 अप्रैल को खुल रहे हैं.

Sunday, 26 April 2015

अर्जुन पुरस्कार के लिए रोहित शर्मा के नाम की सिफारिश

बीसीसीआई ने इस साल के अर्जुन पुरस्कार के लिए रविवार को बल्लेबाज रोहित शर्मा का नाम प्रस्तावित किया। बीसीसीआई वर्किंग कमिटी ने 2015 के अर्जुन पुरस्कार के लिए रोहित शर्मा का नाम प्रस्तावित किया है। रोहित ने पिछले साल र्ईडन गार्डंस में श्रीलंका के खिलाफ 264 रनों की पारी खेलकर वनडे में सबसे बड़े निजी स्कोर का रिकॉर्ड बनाया था।

इसके अलावा रोहित ने जब पिछले साल वल्र्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों में 137 रनों की पारी खेली तो वह मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर दो शतक लगाने वाले दुनिया के तीसरे विदेशी बल्लेबाज बन गए। इससे पहले इंग्लैंड के डेविड गोवर और वेस्टइंडीज के विवियन रिचड्र्स ने यह उपलब्धि हासिल की थी।

गौरतलब है कि 2006 में श्रीलंका में हुए अंडर-19 वल्र्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे रोहित के प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद उन्हें सीनियर टीम में मौका मिला। हालांकि वह प्रदर्शन में निरंतरता नहीं होने के चलते 2013 तक टीम से अंदर-बाहर होते रहे। बीसीसीआई वर्किंग कमिटी ने बंगाल के दिवंगत युवा क्रिकेट खिलाड़ी अंकित केसरी, झारखंड के गौरव कुमार और नेपाल तथा भारत में भूकंप से मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।