Thursday, 2 April 2015

कलियुग में इस जगह विराजमान हैं भगवान विष्णु

भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक तिरुपति  दक्षिण भारतीय वास्तुकला और शिल्प कला का अद्भुत उदाहरण है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित यह जगह सालों से श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र तीर्थस्थल रहा है। इस धार्मिक स्थल को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है।
वेंकटेश्वर मन्दिर
तिरुपति का मुख्य आकषर्ण सात पर्वतों में से एक वेंकटाद्रि पर बना भगवान विष्णु का प्रसिद्ध तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर है। इसे सात पर्वतों का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, तिरुमला के चारों ओर स्थित पहाडियां, शेषनाग के सात फनों के आधार पर बनी सप्तगिरि कहलाती हैं। वेंकटेश्वर का मंदिर इन्हीं सप्तगिरि की सातवीं पहाड़ी पर स्थित है, जो वेंकटाद्रि के नाम से लोकप्रिय है।
समुद्र तल से 2500 फीट ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर अपनी भव्यता और विशालता के लिए विश्व विख्यात है। यह मंदिर हजारों मजबूत स्तंभों से घिरा हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान वैंकटेश्चर की प्रतिमा स्थापित है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में स्थापित भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति में ही प्रभु बसते हैं और वे यहां समूचे कलियुग में विराजमान रहेंगे। कहा जाता है कि इस मंदिर के निर्माण में चोल, होयसल और विजयनगर के राजाओं का योगदान खास रहा है।
वैसे तो मंदिर में देखने के लिए बहुत कुछ है लेकिन- कृष्ण देवर्या मंडपम, रंग मंडपम तिरुमला राय मंडपम, आईना महल आदि मंदिर परिसर में मुख्य दर्शनीय स्थल हैं।
पुष्करणी कुंड
ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु ने कुछ समय के लिए तिरुमला स्थित स्वामी पुष्करणी नामक कुंड के किनारे निवास किया था। तब के बाद से यह कुंड सबके लिए पवित्र बन गया। वैंकटेश्चर मंदिर में पवेश करने से पहले श्रद्धालु इस कुंड के पवित्र पानी में डुबकी लगाते हैं। कहा जाता है कि इस कुंड में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं।
भक्तों की भीड़
यह मंदिर श्रद्धालुओं में बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है। इसकी प्रसिद्धि का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि लाखों की संख्या में तीर्थयात्री भगवान वैंकटेश्चर के दर्शन के लिए आते हैं और चढ़ावा भी चढ़ाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन इस मन्दिर में एक से दो लाख श्रद्धालु आते हैं, जबकि किसी खास अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या लगभग 5 लाख तक पहुंच जाती है। दस दिन तक चलने वाले ब्रह्मोत्सवम में यहां भक्तों की भीड़ अपनी चरम पर रहती है।
कैसे पहुंचे
वेंकटेश्वर मंदिर जाने वाले श्रद्धालु हवाई जहाज, रेल, बस आदि से तिरुपति पहुंच सकते हैं। हवाई मार्ग से जाने वाले लोग रेनिगुंता हवाई अड्डे के लिए टिकट कटा सकते हैं जबकि रेल मार्ग को अपनाने वाले लोग तिरुपति रेलवे स्टेशन उतरकर मंदिर के दर्शन के लिए ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और बस का सहारा ले सकते हैं।

जनता रखेगी ट्रेनों के नाम

रेल मंत्रालय का विचार बन रहा है कि क्षेत्र विशेष में चलने वाली ट्रेनों के नाम जनता के सुझाव पर रखे जाएं। दूसरे रेलवे के साथ जनता की भागीदारी हो सकेगी। नाम का सुझाव देते कुछ नियमों का पालन करना होगा, जैसेरू धार्मिक आधार पर ट्रेनों का नाम नही रखे जा सकते।

सैर-सपाटे लायक दुनिया के 10 बड़े शहरों में चेन्नई

विश्व की प्रसिद्ध ट्रैवल गाइड बुक श्लोनली प्लेनेट्य ने २०१५ में दुनिया के सैर-सपाटे लायक पहले १० शहरों में तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई को नौवां स्थान दिया है। शीर्ष १० शहरों का क्रम इस प्रकार हैरू-
1. वाशिंगटन
2. अर्जेटीना का अल शेल्टन
3. इटली का मिलान
4. स्विट्रलैण्ड का जर्मेट शहर
5. माल्टा का वलेटा
6. बुलगारिया का प्लो दिव
7. ब्रिटेन का सेल्सवरी
8. आस्ट्रिया का वियना
9. भारत का चेन्नई
10. कनाडा की राजधानी टोरंटो।

पूरे देश में कीजिए एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल

नई दिल्ली। मोबाइल फोन उपभोक्ता देश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाने के बावजूद अपना वर्तमान नंबर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए जल्द ही पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) की सुविधा मिलने वाली है। वर्तमान में मोबाइल उपभोक्ताओं को समान सेवा क्षेत्रों में ही ऑपरेटर बदलने की सुविधा है। मसलन, दिल्ली एनसीआर में कोई उपभोक्ता दिल्ली एनसीआर में ही नंबर बदले बिना ऑपरेटर बदल सकता है।  एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी लागू करने के लिए 31 मार्च, 2015 की समय सीमा तय की है। उसने कहा, श्टेलिकॉम कमिशन ने पूर्ण एमएनपी पर ट्राई की सिफारिशें स्वीकार ली हैं।्य कमिशन के निर्णय को अंतिम मंजूरी के लिए अब टेलिकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद के सामने रखा जाएगा। पूर्ण एमएनपी के तहत उपभोक्ता देश में कहीं भी जाने पर अपना पुराना नंबर बरकरार रख सकेंगे। ट्राई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, करीब 13 करोड़ लोगों ने 31 अगस्त तक एमएनपी सुविधा के लिए अनुरोध किया है। ट्राई ने पूर्ण एमएनपी पर अपनी सिफारिश में प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की तिथि से छह माह का समय दूरसंचार कंपनियों को देने का सुझाव दिया है ताकि वे अपने नेटवर्क में आवश्यक बदलाव कर सकें।

लिफाफे में समाई काली कमाई

विदेशों में जमा काला धन मामले में उच्चतम न्यायालय के कड़े रुख के बाद सरकार ने विदेशी बैंकों में सभी खाताधारकों के नामों की सूची बुधवार को शीर्ष न्यायालय को सौंप दी। सूची में 627 लोगों के नाम बताए जा रहे हैं।  सरकार ने तीन सील बंद लिफाफे न्यायालय में जमा कराए हैं। पहले लिफाफे में विदेशी सरकार से संधि का जिक्र है। दूसरे में सभी खाताधारकों के नाम और खातों का उल्लेख है। तीसरे लिफाफे में विशेष जांच दल की स्थिति रिपोर्ट बताई गई है। उच्चतम न्यायालय ने सरकार की तरफ से सौंपे गए सील बंद लिफाफों को खोलने से मना करते हुए कहा कि इनको विशेष जांच दल को दिया जाए। शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल दल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ही खाताधारकों के नामों वाला सीलबंद लिफाफा खोल सकते है। दल से कहा गया है कि अगले माह के आखिर तक जांच के बारे में स्थिति रिपोर्ट पेश करें। काला धन मुद्दे पर आगे की जाने वाली कार्रवाई का फैसला विशेष जांच दल करेगा। महाधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सूची सौंपने के बाद न्यायालय के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने सील बंद लिफाफे में 627 नामों की सूची के साथ स्थिति रिपोर्ट शीर्ष न्यायालय को सौंपी है। सभी खाताधारकों का आकलन अगले वर्ष मार्च तक किया जाएगा। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिफाफा नहीं खोला और निर्देश दिया कि वह सील बंद लिफाफे को स्वयं ही विशेष जांच दल को देगा। इसके बाद दल को देखना है कि उसे क्या करना है और कानून के लिहाज से कार्रवाई करेगा।  अगले वर्ष 31 मार्च तक कार्रवाई करने के पीछे कारण यह है सरकार के पास खाताधारकों का जो विवरण है, वह 2006 तक का है। श्री रोहतगी ने बताया कि सरकार ने जो सूची उच्चतम न्यायालय को सौंपी है, यही सूची इस वर्ष जून में विशेष जांच को सौंपी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने विशेष जांच दल से सूची को प्रमाणित कर जांच के लिए कहा और अगले माह तक रिपोर्ट मांगी है। महाधिवक्ता ने किसी के नाम का खुलासा करने से तो इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि सूची में कम से कम आधे नाम देश से हैं और शेष प्रवासी भारतीयों के हैं। मंगलवार को शीर्ष न्यायालय द्वारा फटकार लगाए जाने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली सरकार के बचाव में उतरे और कहा कि हमारा इरादा किसी को बचाने का नही है। सरकार काला धन वापस लाने का हर संभव प्रयास करेगी। 
श्री जेटली ने कहा कि सरकार को इस मामले में किसी भी जांच एजेंसी के साथ दिक्कत नहीं है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा था कि सरकार यह भी चाहती है कि ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाए, जिससे अन्य देश हमारे साथ सहयोग जारी रखें।

सुप्रीम कोर्ट से एलजी को मोहलत, 12 दिन में तलाशें सरकार की संभावना

दिल्ली में सरकार बनाने के मुद्दे पर गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई 11 नवंबर तक टल गई है। इसके साथ ही अदालत ने दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर की जानेवाली उपराज्यपाल नजीब जंग की कोशिशों की तारीफ भी की। चीफ जस्टिस एचएल दत्तू ने दिल्ली में सरकार बनाने के मुद्दे पर कहा कि हमने अखबारों में पढा है कि उपराज्यपाल दिल्ली में सरकार बनाने की कोशिशें कर रहे हैं और उनके ये प्रयास एक सकारात्मक कदम हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उप राज्यपाल की कोशिश तारीफ के काबिल हैं, क्योंकि वह सरकार बनाने के लिए पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में सरकार के वकील ने यह दलील दी कि उप राज्यपाल सरकार बनाने के लिए सियासी पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि देश में पहले भी अल्पमत की सरकारें बनी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एलजी से कहा कि अगर अल्पमत की सरकार दिल्ली में संभव है, तो संभावना तलाशें। वह अपनी कोशिशों को 11 नवंबर तक जारी रखें। कोर्ट ने कहा कि अगर 11 नवंबर तक कुछ नहीं हुआ तो देखेंगे। इसी के साथ बिना किसी दिशा-निर्देश के साथ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 11 नवंबर तक टाल दी। सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई के बाद सवाल यह पैदा हो रहा है कि क्या दिल्ली में भाजपा की अल्पमत की सरकार बनेगी! क्या 12 दिन में भाजपा सरकार बना पाएगी! गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल को कडी फटकार लगाई थी। पीठ ने सवाल किया था कि केंद्र क्यों मामले की सुनवाई के एक दिन पहले ही हमेशा अलग अलग बयान के साथ आती है। शीर्ष अदालत ने कहा था, मामले की सुनवाई के लिए सामने आने से ठीक पहले आप एक बयान देते हैं, इस पर पहले क्यों नहीं निर्णय किया जाता! आप इस तरह से कितने समय चलेंगे! पीठ ने कहा कि उपराज्यपाल को इस बारे में जल्द से जल्द फैसला करना चाहिए था। उपराज्यपाल की कोशिश बुधवार को उप राज्यपाल ने कहा कि वह सरकार बनाने के मामले में जल्द ही सभी दलों से बातचीत करेंगे। बुधवार को एलजी नजीब जंग ने बयान देते हुए कहा कि वह दिल्ली में सरकार बनाने की संभावनाओं पर अगले कुछ दिनों में सभी पार्टियों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोकप्रिय सरकार के गठन की संभावना तलाशने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है, लिहाजा उपराज्यपाल नजीब जंग अगले कुछ दिनों के दौरान सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से बात करके सभी संभावनाओं की तलाश करेंगे। उप राज्यपाल के इस प्रस्ताव पर केजरीवाल ने कहा कि वह कोर्ट में सुनवाई टालने के लिए ये प्रस्ताव लेकर आए हैं। भाजपा पूरे मसले पर कुछ बोलने से बच रही है। इससे पहले मंगलवार को कोर्ट ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लोकतंत्र में लंबे समय तक राष्ट्रपति शासन ठीक नहीं है। दिल्ली विधानसभा की मौजूदा स्थिति दिल्ली विधानसभा में फिलहाल 67 विधायक हैं जिसमें भाजपा के पास 29, आम आदमी पार्टी के पास 27, कांग्रेस के पास 8 और अन्य 3 विधायक हैं। इस लिहाज से भाजपा के पास बहुमत के 34 आंकडे तक पहुंचने के लिए 5 विधायक कम पडते हैं। यदि अन्य तीन विधायक भी भाजपा को समर्थन देते हैं तब भी भाजपा बहुमत के आंकडे से 2 कदम दूर रह जाती है। दिल्ली में फरवरी 2014 से विधानसभा निलंबित है और राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। आम आदमी पार्टी की सरकार 49 दिन ही सत्ता में रहकर भाग खडी हुई थी।

ग्लोबल, ग्रीन और स्मार्ट सिटी बनेगा भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा है कि भोपाल को ग्लोबल सिटी, ग्रीन सिटी और स्मार्ट सिटी बनाने के लिये सभी जरूरी अधोसंरचनाओं का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल को क्रमशरू प्लास्टिक और पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिये भी जन-सहयोग के माध्यम से विशेष प्रयास किये जायेंगे। चैहान आज यहाँ भोपाल-ब्यावरा सड़क परियोजना में सिंगारचोली रेलवे क्रासिंग पर बनने वाले रेलवे ओव्हर ब्रिज के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने रेलवे ब्रिज का निर्माण एक साल के भीतर पूरा करने के निर्देश दिये। भोपाल-ब्यावरा सड़क परियोजना का काम लाल घाटी से शुरू होकर एयरपोर्ट तिराहे तक चार लेन बनाया जायेगा। सिंगारचोली रेलवे क्रासिंग पर रेलवे ओव्हर ब्रिज बनने से भोपाल शहर से हवाई अड्डे तक जाने वाले लोगों को ट्रेफिक के दबाव से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भोपाल को ग्लोबल और स्मार्ट सिटी बनाने के साथ-साथ इसकी हरियाली को भी सुरक्षित रखा जायेगा। जल्दी ही भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार स्मार्ट सिटी बनने का सपना भी पूरा होगा। उन्होंने स्वच्छ मध्यप्रदेश बनाने में लोगों के उत्?साहपूर्वक भागीदारी की सराहना की।
चैहान ने कहा कि सड़क निर्माण के क्षेत्र में आज मध्यप्रदेश पूरे देश में पहचान बना चुका है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ने लगभग 45 हजार करोड़ रूपये की सड़क निर्माण परियोजनाओं को हाथ में लिया है। यह अपने आप में एक इतिहास है। उन्होंने कहा कि आज विकास के सभी क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को नई पहचान मिली है। उन्होंने युवा इंजीनियर्स का आव्हान किया कि वे मुख्यमंत्री युवा कांट्रेक्टर और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनाओं का लाभ लेते हुए रोजगार प्राप्त करने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से इच्छुक युवाओं को तीन माह का प्रशिक्षण और 5000 रूपये की शिष्यवृत्ति दी जायेगी। इस दौरान उन्हें अकादमिक, तकनीकी और मैदानी प्रशिक्षण भी मिलेगा। ठेके के लिये 2 लाख रूपये के बजाय केवल 25 हजार रूपये ही जमा करना पड़ेगा और पहले ठेके पर अर्नेस्ट मनी का 50 प्रतिशत ही जमा करना होगा। उन्होंने बताया कि युवा उद्यमी योजना में 10 लाख से एक करोड़ रूपये तक का बेंक लोन मिलेगा और इसे चुकाने की गारंटी सरकार लेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को टेक्नॉलाजी, मार्केटिंग और पूँजी सुविधा सरकार उपलब्ध करवायेगी। श्री चैहान ने कहा कि सरकार ने युवाओं के भविष्य और प्रदेश की समृद्धि के लिये एक रोड मेप तैयार किया है। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया कि मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस एक नवम्बर को उत्सव के रूप में मनायें और मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाने का संकल्प लें।
लोक निर्माण मंत्री सरताज सिंह ने कहा कि आज मध्यप्रदेश का कायाकल्प हो गया है और चारों तरफ विकास दिख रहा है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की राष्ट्रीय पहचान बन गई है। विकसित राज्य भी मध्यप्रदेश की सराहना कर रहे हैं। स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने चैहान को दूरदर्शी सोच वाला मुख्यमंत्री बताते हुए इस परियोजना को शुरू करने के लिये उनका आभार व्यक्त किया। प्रमुख सचिव लोक निर्माण प्रमोद अग्रवाल ने भोपाल-ब्यावरा सड़क परियोजना के प्रमुख बिन्दु की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रेलवे क्रासिंग पर पूरी मुस्तैदी से कर्त्तव्य निभाने वाले सेवानिवृत्त हो रहे पुलिसकर्मी रामनरेश पाण्डे को सम्मानित किया।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, विधायक विष्णु खत्री, विधायक  विश्वास सारंग, भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना हिम्मत सिंह गोयल, सांसद आलोक संजर, वरिष्ठ पार्षद कृष्ण मोहन सोनी, भोपाल जिला भाजपा अध्यक्ष आलोक शर्मा, प्रबंध संचालक सड़क विकास निगम विवेक अग्रवाल और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
यह है परियोजना
भोपाल-ब्यावरा मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-12) के कुल 105.6 किलोमीटर मार्ग के चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य बी.ओ.टी. आधार पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। परियोजना में वर्तमान 2 लेन सड़क को 4 लेन सड़क में परिवर्तित किया जायेगा। परियोजना की कुल लागत 776.24 करोड़ रुपये है। परियोजना में सहयोग के लिये मे. ट्रान्सट्राय इंडिया लिमिटेड, हैदराबाद से अनुबंध किया गया है। परियोजना दो वर्ष में पूरी होगी।
परियोजना के बीच में पडने वाले आठ आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्र में सर्विस रोड का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार रोड के आर-पार सुगम आवागमन के लिये 7 अंडर पास, ग्रेड सेपरेटर्स, एक रेलवे ओवर ब्रिज, वृहद पुल, 10 मध्यम पुल एवं 74 पुलिया का निर्माण किया जायेगा।
परियोजना में भोपाल शहर में 7.5 किलोमीटर एवं अन्य बसाहट वाले ग्राम में कुल 6 किलोमीटर सर्विस रोड का प्रावधान है। भोपाल-बायपास क्रासिंग पर फ्लाई ओवर का निर्माण होगा। सिंगारचोली रेलवे क्रासिंग पर आर.ओ.बी. और पार्वती नदी पर वृहद पुल सहित 10 मध्यम पुल एवं 74 पुलिया का निर्माण होगा।