Thursday, 2 April 2015

लिफाफे में समाई काली कमाई

विदेशों में जमा काला धन मामले में उच्चतम न्यायालय के कड़े रुख के बाद सरकार ने विदेशी बैंकों में सभी खाताधारकों के नामों की सूची बुधवार को शीर्ष न्यायालय को सौंप दी। सूची में 627 लोगों के नाम बताए जा रहे हैं।  सरकार ने तीन सील बंद लिफाफे न्यायालय में जमा कराए हैं। पहले लिफाफे में विदेशी सरकार से संधि का जिक्र है। दूसरे में सभी खाताधारकों के नाम और खातों का उल्लेख है। तीसरे लिफाफे में विशेष जांच दल की स्थिति रिपोर्ट बताई गई है। उच्चतम न्यायालय ने सरकार की तरफ से सौंपे गए सील बंद लिफाफों को खोलने से मना करते हुए कहा कि इनको विशेष जांच दल को दिया जाए। शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल दल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ही खाताधारकों के नामों वाला सीलबंद लिफाफा खोल सकते है। दल से कहा गया है कि अगले माह के आखिर तक जांच के बारे में स्थिति रिपोर्ट पेश करें। काला धन मुद्दे पर आगे की जाने वाली कार्रवाई का फैसला विशेष जांच दल करेगा। महाधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सूची सौंपने के बाद न्यायालय के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने सील बंद लिफाफे में 627 नामों की सूची के साथ स्थिति रिपोर्ट शीर्ष न्यायालय को सौंपी है। सभी खाताधारकों का आकलन अगले वर्ष मार्च तक किया जाएगा। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिफाफा नहीं खोला और निर्देश दिया कि वह सील बंद लिफाफे को स्वयं ही विशेष जांच दल को देगा। इसके बाद दल को देखना है कि उसे क्या करना है और कानून के लिहाज से कार्रवाई करेगा।  अगले वर्ष 31 मार्च तक कार्रवाई करने के पीछे कारण यह है सरकार के पास खाताधारकों का जो विवरण है, वह 2006 तक का है। श्री रोहतगी ने बताया कि सरकार ने जो सूची उच्चतम न्यायालय को सौंपी है, यही सूची इस वर्ष जून में विशेष जांच को सौंपी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने विशेष जांच दल से सूची को प्रमाणित कर जांच के लिए कहा और अगले माह तक रिपोर्ट मांगी है। महाधिवक्ता ने किसी के नाम का खुलासा करने से तो इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि सूची में कम से कम आधे नाम देश से हैं और शेष प्रवासी भारतीयों के हैं। मंगलवार को शीर्ष न्यायालय द्वारा फटकार लगाए जाने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली सरकार के बचाव में उतरे और कहा कि हमारा इरादा किसी को बचाने का नही है। सरकार काला धन वापस लाने का हर संभव प्रयास करेगी। 
श्री जेटली ने कहा कि सरकार को इस मामले में किसी भी जांच एजेंसी के साथ दिक्कत नहीं है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा था कि सरकार यह भी चाहती है कि ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाए, जिससे अन्य देश हमारे साथ सहयोग जारी रखें।

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