Sunday, 26 April 2015

नेपाल और उत्तर भारत में आए भूकंप का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं EXPERTS की चेतावनी: दो महीने तक जारी रह सकते हैं भूकंप के झटके

नई दिल्ली. नेपाल में शनिवार को आए शक्तिशाली भूकंप के झटके अगले दो महीने तक नेपाल और उत्तर भारत को हिलाते रह सकते हैं। यह आशंका भूगर्भीय विशेषज्ञों ने जाहिर की है। विशेषज्ञों ने कहा है कि नेपाल में आए भूकंप की तीव्रता काफी अधिक थी और इसी कारण इतनी तबाही देखने मिल रही है, हालांकि आफ्टर शॉक्स कम तीव्रता वाले होंगे लेकिन ये एक से दो महीने तक समूचे प्रभावित क्षेत्र को हिलाते रह सकते हैं।
भूकंप के बाद सामान्य हैं आफ्टर शॉक्स

विशेषज्ञों का कहना है कि हर शक्तिशाली भूकंप के बाद आफ्टर शॉक्स आना बिल्कुल सामान्य बात है और इसके लिए तैयार रहना चाहिए। शनिवार को आए 7.9 की तीव्रता के भूकंप के बाद रविवार को 6.9 की तीव्रता के ऑफ्टर शॉक्स आए। एक विशेषज्ञ कहते हैं कि बड़े भूकंप के पहले कई बार छोटे भूकंप भी आते हैं लेकिन ये उतने तीव्र नहीं होते। उनका कहना है कि धरती के अंदर होने वाली हलचल इसके लिए जिम्मेदार है। उनका कहना है अब तक आफ्टर शॉक्स और फोर शॉक्स (मुख्य तीव्रता वाले भूकंप के पहले हल्के झटके) का अनुमान लगाने की कोई तकनीक किसी के भी पास नहीं है, इसलिए सतर्कता बरतना ही सबसे बेहतर उपाय है।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने भी चेताया

USGS ने नेपाल में आए भूकंप के बाद चेतावनी दी है कि नेपाल में इस सप्ताह 5 से ज्यादा तीव्रता वाले करीब 3 से 14 आफ्टर शॉक्स आ सकते हैं। संगठन ने यह चेतावनी भी दी है कि 54 प्रतिशत इस बात की संभावना है कि 6 की तीव्रता वाले झटके आएं। इसके अलावा सात फीसदी आशंका इस बात की है कि 7 से ज्यादा की तीव्रता वाले आफ्टर शॉक्स महसूस किए जाएं। USGS के मुताबिक इंडिया और यूरेशिया के नीचे की प्लेटों की हलचल के कारण यह भूकंप आया।
ये उदाहरण खास लेकिन चिंता देने वाला

विशेषज्ञों के मुताबिक साल 1950 में चीन और अरुणाचल प्रदेश में भूकंप आया, इसे इस क्षेत्र में आने वाला सबसे बड़ा भूकंप माना गया। विशेषज्ञ आज भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि इस भूकंप के आफ्टर शॉक्स दो साल बाद तक महसूस किए गए और वो भी शक्तिशाली। नेपाल लगभग उसी क्षेत्र में आता है। 1950 का भूकंप 8.2 की तीव्रता है और इसके आफ्टर शॉक्स करीब 8 की तीव्रता वाले थे, यानी साफ तौर पर हर बार तबाही। ताजा मामले में जानकारों को इसी बात की चिंता सता रही है।

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