Thursday, 16 April 2015

एक नयी किरण


अंधेरे मे आशा की एक नयी किरण
अंधेरे में होती है सबको एक उजाले की तलाश,
हर कोई चाहता है उजाला जिन्दगी में,
ढूंढता है प्रकाश चहुं ओर अपने में,
नहीं मिलता है उजाला है जब-जब उसको,
बैठ जाता है उदास और निराश अपने मन में,
       जब नहीं आती है उजाले की किरण अपने मन में,
फिर भी करता है प्रयास उसे ढूंढने में,
              यदि आशा है मन में तो उजाला भी मिल जायेगी ही,
इस आषा से ही मिलता है उजाला हर किसी को,
बड़े-बड़े काम हो जाते हैं पूरे आशा, के बल से,
फिर क्यो डगर कांप जाते है उजाला ढूंढने में।
करो निरन्तर प्रयत्न अंधेरे में भी मिलेगा उजाला,
बनोगे बुजदिल यदि तो निकलोगे कैसे अंधेरों से,
चलते जाओ साहस के बल पर यदि तुम
तो हर पग-पग पर मिल जायेगी किरण तुमको
न हिम्मत हारना कभी तुम, तभी तो मिलेगी,
उजाले में नयी नई एक किरण तुमको।

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