Wednesday, 15 April 2015

बिजली विभाग में किराये के वाहनों व सुरक्षा गार्डो की भीड़-पर कैश लूट फिर भी


मुज्जफरनगर। उ0प्र0 पावर कारपोरेशन में किराये की गाडियों का कारोबार लगातार बढ रहा है। यह बात दिगर है कि इस विभाग की दयनीय स्थिति इस तरह की है कि कारपोरेशन आर्थिक रूप से सफेद हाथी प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था के लिए बना हुआ है। इस विभाग को विद्युत परिषद के भारी घाटे की वजह से कारपोरेशन में बदल कर सरकारी नियंत्रण में ब्यूरोक्रेशी के शिकजे में सौपा गया था।
बिजली विभाग के बड़े पैमाने पर वाहन किराये पर लेने, उसका कारण राजस्व संग्रह को मुख्य बिन्दू बनाने के बाद भी राजस्व संग्रह की धनराशि मोटर साइकिल, साइकिल या थ्री व्हीलर आदि से ही संग्रह केन्द्र से केन्द्रीय संग्रह स्थल या बैंक मे लाने का जारी है, इसका परिणाम विभाग के धन की लूट बढ रही है। इस जनपद के शाहपुर क्षेत्र के गांव शोरम में नकाव पोशों ने बाइक से ले जा रहे विभाग के ८ लाख से अधिक धन को बदंूक की नोक पर लूट लिया। इस छीना झपटी मे बिजलीकर्मी घायल गोली से हो गया।
वाहन की नही सुरक्षा गार्ड का भी दुरुपयोग
बिजली विभाग के किराये पर लेने का ही कारोबार नही बल्कि सुरक्षा गार्डो से काम लेने में भी खेल है। विभाग में जहां वाहनों का निजी इस्तेमाल या फिर घर से दफ्तर या दफ्तर से घर में ही अधिकतर इस्तेमाल है इस भांति सुरक्षा गार्ड राजस्व संग्रह स्थल या विद्युत उपकेन्द्रों पर न इस्तेमाल कर आवासों या दफ्तरों में चपरास गिरी कार्य कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। बिजली विभाग राजस्व संग्रह स्थल व राजस्व को लाने ले जाने में सम्बन्धित थाना क्षेत्रो व पुलिस बल को जानकारी देने व सहयोग लेने की नियत व्यवस्था को भी नजरदांज किए है।
वरिष्ठ नागरिक समिति व विद्युत उपभोक्ता सेवा समिति ने मांग की है कि प्रदेश सरकार बिजली विभाग में किराये के वाहनों को लेने में कामर्शियल टैक्स अदा वाहनों को ही लेने के अदिशो का पालन न कर परिवहन विभाग को लाखों करोड़ों की क्षति करने के कारणों व वाहन के इस्तेमाल राजस्व में न होकर अन्य इस्तेमाल की जांच कराये। विभाग में वाहन सप्लाई करने वाले कौन है इसकी भी जांच हो। इसी भांति सुरक्षा गार्ड के इस्तेमाल वास्तव ने कहाँ हो रहा है।  इसकी भी जांच हो। राजस्व संग्रह स्थल सुरक्षित व पुखिया युक्त तथा राजस्व लाने ले जाने की पुलिस सहयोग से सुरक्षा मजबूत किए जाये की मांग भी की गई है।

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