Friday, 17 April 2015

आम आदमी पार्टी (आप) को खरा उतरना है?


‘विगत वर्षों तक, दिल्ली की जनता ने अनगिन वादों को झेला।
नई सरकार ‘आम आदमी पार्टी’ से , लग रहा उम्मीदो को मेला।।’
राजनेता भले ही जनता को मूर्ख समझकर भ्रामक नारो से बहलाने का प्रयास करे किन्तु जनता कथनी और करनी के अन्तर को देखकर सब कुछ समझती है यह बात दिल्ली की जनता ने सिद्ध करके दिखा दी और श्आप्य को पूर्ण बहुमत से भी अधिक आशातीत विजय श्री दिला दी। ऐसी चमत्कारिक विजय जिसमे विपक्ष का भी नाम नही रहा।
भारतीय राजनीति की शुद्धिकरण की बात सभी करते है। सिद्धान्तों की बलि चढाकर सिर्फ चुनाव में विजय प्राप्त करना राजनीतिक दलों का एकमात्र ध्येय होता है। जबकि लोकतंत्र में जनता के पास शक्ति होती है और वह किसी भी बाहुबली को अर्श से फर्श तक पहुंचाने की क्षमता रखती है।
हमारे देश में प्रतिभा की कमी नहीं है, परिश्रम की भी क्षमता है। व्यवस्था में सुधार लाने हेतु आम-आदमी पार्टी के जनप्रतिनिधियों की नीति-नियन्ता के रूप में असली परीक्षा अब होगी कि वे आम आदमी की आंकाक्षा की कसौटी पर कितना खरे उतरते है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अरविन्द केजरीवाल को तहे दिल से बधाई देना इसका प्रतीक है कि वे दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री को तन-मन-धन से सहयोग देगें ताकि राजधानी के रूप में दिल्ली स्वच्छ, सुन्दर एवं विकास के पथ पर बढकर अपनी अलग पहचान बना सके। उन्होने श्आप्य के कार्यकत्र्ताओं को संबोधित करते हुए अपनी मंशा व्यक्त भी की है कि वे श्अहंकार्य न करें तथा जनसम्पर्क के माध्यम से आगे के लक्ष्य पर ध्यान दें।
‘ऐसे नेताओं को नही देगे, गद्दी का अधिकार कोई।
जो नही करता किसी रूप में, जनता का उपकार कोई।।’

No comments:

Post a Comment