Thursday, 23 April 2015

कूड़े के ढेर हटे, पानी से धुली सड़क

मेरठ : हाईकोर्ट के डंडे का असर दिखा। बुधवार को जिला प्रशासन व नगर निगम ग्रामीण क्षेत्रों से बुलाए गए सफाई कर्मियों की फौज के साथ शहर की सड़कों पर उतरा। ये काम हालांकि पहले भी किया जा सकता था, लेकिन शायद प्रशासन को अदालत की लताड़ का इंतजार था। हालांकि हड़तालियों ने मोर्चाबंदी की कोशिश की। टकराव के मद्देनजर शहर के चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात थी।
इससे पहले प्रशासन ने सुबह दस बजे तक का वक्त हड़ताली सफाईकर्मियों को फैसला लेने के लिए भी दिया। 12 बजे सफाई कर्मियों ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी हड़ताल टूटने वाली नहीं है। इसके साथ ही नगर आयुक्त एस के दुबे के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस व निगम अफसरों की फौज ग्रामीण सफाईकर्मियों के साथ तीनों डिपो से वाहन लेकर शहर में सफाई करने निकल पड़ी। शाम तक प्रमुख चौराहों, मार्गो पर जमा कूड़ा तथा डलावघरों से कूड़े के ढेर साफ किए गए। नगर आयुक्त एसके दुबे तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह ने बताया कि सफाई के लिए शहर को तीन जोन में बांटा गया जबकि कानून व्यवस्था के लिहाज से 32 सेक्टर बनाए गए। सभी सफाई निरीक्षकों तथा दोनों जोनल सेनेट्र्ी अफसरों की देखरेख में तीनों जोन में 72 से ज्यादा डलावघरों पर लगे कूड़े के ढ़ेर साफ कर दिए गए। आज तीनों जोन में 110 सफाई कर्मियों ने काम किया।
फिलहाल ये व्यवस्था
प्रत्येक वार्ड में आउटसोर्सिग पर काम करेंगे 10 सफाई कर्मचारी
नगर आयुक्त एसके दुबे ने बताया कि गुरुवार को भी ग्राम पंचायतों से सफाई कर्मियों को बुलाया जाएगा। कस्बों तथा नगर पालिकाओं से भी बेरोजगार युवकों को आउटसोर्सिग पर शहर में काम करने का मौका दिया जाएगा। महापौर के कैंप कार्यालय में बुधवार शाम को हुई कार्यकारिणी व अफसरों की बैठक में आउटसोर्सिग पर 10 सफाई कर्मचारी रखने का फैसला किया गया।
पहले दिन कितना साफ हुआ शहर
वाहन डिपो जुड़े वार्ड साफ हुए डलावघर
सूरजकुंड 34 31

दिल्ली रोड 32 21

कंकरखेड़ा 14 20

वर्जन

'देखते हैं कितने दिन चलती है ये व्यवस्था'

जिला प्रशासन द्वारा कराई जा रही सफाई का हम विरोध नहीं करेंगे। देखते हैं कि कितने दिन तक यह व्यवस्था रहती है। हाईकोर्ट का आदेश अफसरों के लिए है, शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी कोर्ट ने उन्हें दी है। हम अपनी हड़ताल पर कायम हैं।

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