प्राकृतिक ने हमें सब कुछ दिया है तो क्या यह हमारा कर्तव्य
नहीं हैं कि हम इसे संभाल कर साफ-सुथरा रखें लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
बढ़ती जनसंख्या और गंदगी से धरती को खराब करते हम लोग अपने भविष्य को देख
नहीं रहें हैं।
इस धरती पर 22 हजार लोग रोज पैदा होते हैं। जनसंख्या वृद्घि के बारे में लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक किताब ने इन तस्वीरों को छापा गया है। यह सभी तस्वीरें मिरर में छापी गई है।इस किताब का नाम है ओवरडेवलपमेंट, ओवरपॉपुलेशन और ओवरशूटा। आप इन तस्वीरों को देखकर समझ सकते हैं कि किस हद तक हम अपने कामों से धरती को तबाह कर चुकें हैं।
इनमें से कई तस्वीरों में हम देख रहें हैं कि कैसे हमारा पर्यावरण घनघोर प्रदूषण और जनसंख्या के बोझ से खराब होता चला जा रहा है। अगर हमने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो परिणाम बहुत ही खौफनाक हो सकते हैं। अंधा-धुंध पेड़ों की कटाई, पानी में फैक्ट्रियों का कैमिकल मिलना पेड़ों जीव-जन्तुओं की जान भी खतरे में डाल रहा है। किताब में लोगों को गंदगी कम फैलाने और जीव-जतुंओं और पेड़ की रक्षा करने के बारे में सचेत किया गया है। जरा आप भी देखे तस्वीरें।
इस धरती पर 22 हजार लोग रोज पैदा होते हैं। जनसंख्या वृद्घि के बारे में लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक किताब ने इन तस्वीरों को छापा गया है। यह सभी तस्वीरें मिरर में छापी गई है।इस किताब का नाम है ओवरडेवलपमेंट, ओवरपॉपुलेशन और ओवरशूटा। आप इन तस्वीरों को देखकर समझ सकते हैं कि किस हद तक हम अपने कामों से धरती को तबाह कर चुकें हैं।
इनमें से कई तस्वीरों में हम देख रहें हैं कि कैसे हमारा पर्यावरण घनघोर प्रदूषण और जनसंख्या के बोझ से खराब होता चला जा रहा है। अगर हमने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो परिणाम बहुत ही खौफनाक हो सकते हैं। अंधा-धुंध पेड़ों की कटाई, पानी में फैक्ट्रियों का कैमिकल मिलना पेड़ों जीव-जन्तुओं की जान भी खतरे में डाल रहा है। किताब में लोगों को गंदगी कम फैलाने और जीव-जतुंओं और पेड़ की रक्षा करने के बारे में सचेत किया गया है। जरा आप भी देखे तस्वीरें।











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