Saturday, 11 April 2015

ओशो सत्संग और मेडिटेशन


कुंज विहार गोमती आत्मदर्शन की धारा में ओशो का दैनिक कार्यक्रम शुरु हुआ। भाजपा के कार्यकत्र्ता राकेश कुमार त्यागी जी ने दीप प्रज्वलित किया।
कैवल्य उपनिषद पर प्रबन्धन भाग ५ - कैवल्य एक को जानने कि लिय एकान्त व सिद्धासन और मेरुदण्ड सिर और गले को एक सीध में गुरु को स्मरणकर हदय की गुफा में प्रवेश कर ही आत्मसात कर सकते हैं।
एक-एक शब्द का समझ श्एकान्त्य ऐसा नही कि घर छोड़कर चले जाये और बाजार भरी भीड़ में रहते हुए अपने को अकेले करते वही एकान्त में है। जंगल मै या और कही भागकर कभी भी एकान्त नही हो पाता।
स्वामी आत्मो कामरान ने नाद हदय ध्यान कराया और ध्यान करने के सूत्रों की व्याख्या की। साधको ने ध्यान की गंगा में डुबकी लगायी। सतत् ध्यान करने का संकल्प लिया।
प्रतिदिन कार्यक्रम सद्भावना समिति द्वारा कुज विहार में चलाये जा रहे है। स्त्रोतो और ध्यान करने वाले गोमती आत्मदर्शन की धारा में डुबकी लगाने लगातार आते जाते रहते है।
सद्भावना समिति (पंजी.) स्वामी आत्मो कामरान 8057982656, 8273548730

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