Wednesday, 15 April 2015

विश्व-स्पद्र्धा के लिए नई तकनीक की उपयोगिता


स्वर्णिम  अवसर,  हमे मिला है, शपथ आज मिलकर खाये।
सच्चे राष्ट्र-निर्माता बनके, भारत को विकसित राष्ट्रबनाये।।
प्रधानमंत्री द्वारा कुछ माह पहले ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को लांच करना भारत की नयी तकनीक के माध्यम से विश्व-स्पर्धा में शामिल होने के लिए उठाया गया साहसिक कदम है। इस वर्ष नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड़ में निकाली गई झांकियों में ‘मेक इन इंडिया’ की झांकी युवाओं के लिये आर्कषण का केन्द्र थी। ष्डंाम पद प्दकपं . डंकम पद प्दकपंष् (भारत में बनाओ - भारत को बनाओ) यही सोच और बदलते निर्माण प्रक्रिया से देश विकसित राष्ट्रकी श्रेणी में आयेगा। इसके लिये निर्माण के क्षेत्र में नई-नई टैक्नोलॉजी को लाना और स्वदेशी निर्मित उत्पादको को प्रोत्साहित करना है।
भारत को विकसित राष्ट्रबनाने की दिशा में ‘मेक इन इंडिया’ का यह कदम इसलिये भी महत्वपूर्ण है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में पड़ोसी देश चीन का वर्चस्व बढता ही जा रहा है। भारतीय बाजार भी चाइनीज उत्पादों से भरे पड़े है। ऐसे में ‘मेक इन इंडिया’ की अवधारणा को मजबूत करना भारत की अर्थव्यवस्था के लिये जरूरी है। भारत के श्मेक इन इंडिया्य के लांच के बाद चीन ने एक बार फिर ‘मेड इन चाइना’ का नारा दिया है। ऐसे में भारत को चीन की मैन्युफैक्चरिंग को भी समझना होगा। इसी के मद्दे नजर पिछले दिनो चीन के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान भारत ने चीन को टैक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में भागीदार बनने के लिये आमंत्रित किया। भारत के ज्यादातर स्माल एंटर प्राईजेज (लघु एवं मध्यम उद्योग) अभी भी नई एवं विकसित टैक्नोलॉजी से दूर है। कौशल-विकास येाजना के द्वारा युवा तक निशियन तैयार करना राज्य सरकार एवं भारत सरकार दोनो का ही लक्ष्य है। मेक इन इंडिया का एक मकसद देश में रोजगार के मौके पैदा करना भी है ताकि युवाओ के लिये नई नौकरियों के अक्सर खुले।
वाइब्रेट गुजरात समिट प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट श्मेक इन इंडिया्य का पहला बड़ा इम्तिहान है जिसमें १२ लाख करोड़ रु. की पूंजी-निवेश की उम्मीद की जा रही है। अहमदाबाद से मुम्बई तक श्बुलेट ट्रेन्य चलाने की भारतीय रेल की परियोजना नई तकनीक ज्ञान का उपयोग है। इसके लिये जापान भी भारत का सहयोग करेगा। इलैक्ट्रोनिक्स के क्षेत्र में जापान विश्व में अग्रणी है। जापान में निर्मित वस्तुओं की गुणवत्ता विश्वसनीय है। विश्व-स्पद्र्धा में सम्मिलित होने के लिये नई तकनीक का ज्ञान इसलिये भी उपयोगी है कि बिना इसके हमारा देश विकसित राष्टड्ढ्रों की श्रेणी में नही आ सकता। ग्राहको की पंसद तथा अधिक से अधिक अपने उत्पाद के प्रति लोगों का विश्वास जीतने के लिये न्यूनतम मूल्य में बैस्ट क्वालिटी उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। एक अच्छा और गुणवत्ता वाला प्रोडक्ट चीन के सस्ते उत्पादो को टक्कर दे सकेगा।
आपका सम्मान हमारा अभियान प्रत्येक उद्यमी का ध्येय होगा तो निश्चित ही हम निर्यात के क्षेत्र में अग्रसर होगे। सरकार एवं उद्यमियों की परस्पर सहयोगी योजना तथा सक्रिय भागीदारी से ही देश प्रगतिशील होगा। प्रधानमंत्री द्वारा स्न.ष्ठ.ढ्ढ की नई परिभाषा  सचमुच सराहनीय है उनकी नजर में स्न.ष्ठ.ढ्ढ का मतलब श्फस्र्ट डेवलप इंडिया्य है। श्मेक इन इंडिया्य अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। अतरू इसके लिए नई तकनीक का ज्ञान प्रत्येक उस देश से लिया जाये जो इनके प्रयोग के बल पर विकसित राश्ट्रबन रहे है। तभी हम विश्व स्पद्र्धा में शामिल होकर गौरव का अनुभव कर सकेगे और प्रत्येक भारतीय अपने देश पर निर्यातक राश्ट्रहोने का गर्व करेगा।   

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