उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिएप्रत्येक जिले में जिला उद्योग केन्द्र हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि लद्यु उद्योगों की स्थापना की जाएं अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। उद्यमियों को नये उद्योग स्थापित करने एवं उनके उत्पाद के विपणन हेतु बेहतर प्रयास भी किया जाये, ताकि लद्यु उद्योग एवं रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाया जा सके। मेरठ के ऐतिहासिक स्थल सूरजकुण्ड पार्क के सामने जिला उद्योग केन्द्र का कार्यालय है। श्रम-शिखर प्रतिनिधि के नाते महाप्रबंधक एवं जनसूचना अधिकारी से इस विषय में विभाग के लक्ष्य, उपलब्धियां एवं भावी योजनाओं से इस विषय में जानकारी प्राप्त की तो उन्होने बताया कि विभाग का प्रमुख ध्येय सूक्ष्म एवं मध्यलघु उद्योग लगवाने में सहायता करना तथा इस संबध में पथ-प्रदर्शन एवं मार्गदर्शन करना है। एक वर्ष में १४०० लघु-सूक्ष्म एवं मध्य उद्योग लगवाये है। समय-समय पर आई आई योजनाओं से बेरोजगारों को उद्यम लगाने हेतु बैंको के माध्यम से ऋण-सुविधा (२५ लाख तक) दिलाई जाती है। वर्तमान में कौशल विकास मिशन के अन्र्तगत रजिस्ट्रेशन हेतु मार्ग दर्शक के रूप में कार्य कर रहे है। उ0प्र0 के लघु उद्योग मंत्री श्री भगवत शरण गंगवार द्वारा लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग की बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए कहा गया कि लघु उद्योग एक रोजगार पूरक विभाग है जिसके माध्यम से नये उद्योग स्थापित कर, लोगो को रोजगार के अवसर प्रदान किये जा सकते है। उद्योग विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनायें इस प्रकार हैरू-
(१) उद्योगों के विकास हेतु ऑनलाइन निवेशमित्र की स्थापना। (२) तकनीकी उन्नयन योजना। (३) प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम। (४) एकल मेज व्यवस्था। (५) निर्यात प्रोत्साहन योजना। (६) त्रिस्तरीय उद्योग बन्धु। (७) उ0प्र0 अनुसूचित जातिध्जनजाति सामूहिक औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम। (८) हस्त शिल्पियों के प्रशिक्षण तथा कौशल उन्नयन हेतु डिजाइन वर्कशॉप योजना। (९) विशिष्टड्ढ शिल्पकारों के लिये पेंशन योजना। (१०) विपणन विकास सहायता योजना।
इन सभी योजनाओं के विषय में विस्तृत जानकारी हेतु सम्पर्क निम्न पते पर करे-
महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, (हंस इंजानियरिंग वक्र्स के समीप) सूरजकुण्ड, मेरठ- २५०००२
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम भी रोजगार की नई पहल है। इसमें लागत का केवल ५ से १० प्रतिशत निवेश करके ५ से २५ लाख तक का स्व रोजगार स्थापित करे। इसमें १८ वर्ष से अधिक आयु वाले बेरोजगार युवाओ से निर्धारित प्रारुप पर आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते है जिसमें वे व्यक्ति या उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं है, जो प्रधानमंत्री रोजगार योजनाध्ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम या किसी अन्य केन्द्रीयध्राज्य सब्सिडी योजना के अन्र्तगत सब्सिडी का लाभ पहले उठा चुके है।
योजनान्र्तगत सरकारी सब्सिडी का स्तर निम्नवत है-
उ0प्र0 उद्योग निर्देशक स्कीम
१. समाज के वंचित वर्गो एवं ग्रामीण उद्यमियों के लिये आर्थिक सहायता।
२. अत्यन्त गरीबी रेखा से नीचे (बी.पी.एल.) के लोग भी सहायता के पात्र।
३. अधिकतम २५ लाख की उत्पादक परियोजना या १० लाख की सेवा परियोजना है। ४. १० लाख से अधिक की उत्पादन परियोजनाओं तथा ५ लाख से अधिक की सहायता के पात्र है। सेवा परियोजनाओं के लिये न्यूनतम शैक्षिक योग्यता ८वीं पास।
५. क्रेडिट गारण्टी फण्ड योजना द्वारा उद्यमियों को लैटरल सुरक्षामुक्त ऋण की सुविधा।
उ0प्र0 औद्योगिक विकास में देश के अन्य प्रदेशों से पीछे है। कौशल-विकास मिशन (स्किल डवलपमेन्ट) एवं प्रधानमंत्री द्वारा श्मेक इन इंडिया्य एवं श्मेड इन इंडिया्य के नारे को साकार करके प्रगति के पथ पर अग्रसर होना है। जापान जैसा छोटा देश टैक्नोलोजी में कितना आगे है। चीन के उत्पाद भारतीय बाजार पर छाये हुए है। इस पर तकनीकी में प्रशिक्षित युवाओं को, उद्यमियों को चिन्तन-मनन करके आगे बढकर राष्टड्ढ्र के निर्माण में सहयोग देना होगा तभी हमारा देश विकसित राष्टड्ढ्र बनेगा। इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी के लिये किसी भी कार्य-दिवस में महाप्रबंधक अथवा जनसम्पर्क अधिकारी जिला उद्योग केन्द्र से सम्पर्क स्थापित करें।
(१) उद्योगों के विकास हेतु ऑनलाइन निवेशमित्र की स्थापना। (२) तकनीकी उन्नयन योजना। (३) प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम। (४) एकल मेज व्यवस्था। (५) निर्यात प्रोत्साहन योजना। (६) त्रिस्तरीय उद्योग बन्धु। (७) उ0प्र0 अनुसूचित जातिध्जनजाति सामूहिक औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम। (८) हस्त शिल्पियों के प्रशिक्षण तथा कौशल उन्नयन हेतु डिजाइन वर्कशॉप योजना। (९) विशिष्टड्ढ शिल्पकारों के लिये पेंशन योजना। (१०) विपणन विकास सहायता योजना।
इन सभी योजनाओं के विषय में विस्तृत जानकारी हेतु सम्पर्क निम्न पते पर करे-
महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, (हंस इंजानियरिंग वक्र्स के समीप) सूरजकुण्ड, मेरठ- २५०००२
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम भी रोजगार की नई पहल है। इसमें लागत का केवल ५ से १० प्रतिशत निवेश करके ५ से २५ लाख तक का स्व रोजगार स्थापित करे। इसमें १८ वर्ष से अधिक आयु वाले बेरोजगार युवाओ से निर्धारित प्रारुप पर आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते है जिसमें वे व्यक्ति या उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं है, जो प्रधानमंत्री रोजगार योजनाध्ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम या किसी अन्य केन्द्रीयध्राज्य सब्सिडी योजना के अन्र्तगत सब्सिडी का लाभ पहले उठा चुके है।
योजनान्र्तगत सरकारी सब्सिडी का स्तर निम्नवत है-
उ0प्र0 उद्योग निर्देशक स्कीम
१. समाज के वंचित वर्गो एवं ग्रामीण उद्यमियों के लिये आर्थिक सहायता।
२. अत्यन्त गरीबी रेखा से नीचे (बी.पी.एल.) के लोग भी सहायता के पात्र।
३. अधिकतम २५ लाख की उत्पादक परियोजना या १० लाख की सेवा परियोजना है। ४. १० लाख से अधिक की उत्पादन परियोजनाओं तथा ५ लाख से अधिक की सहायता के पात्र है। सेवा परियोजनाओं के लिये न्यूनतम शैक्षिक योग्यता ८वीं पास।
५. क्रेडिट गारण्टी फण्ड योजना द्वारा उद्यमियों को लैटरल सुरक्षामुक्त ऋण की सुविधा।
उ0प्र0 औद्योगिक विकास में देश के अन्य प्रदेशों से पीछे है। कौशल-विकास मिशन (स्किल डवलपमेन्ट) एवं प्रधानमंत्री द्वारा श्मेक इन इंडिया्य एवं श्मेड इन इंडिया्य के नारे को साकार करके प्रगति के पथ पर अग्रसर होना है। जापान जैसा छोटा देश टैक्नोलोजी में कितना आगे है। चीन के उत्पाद भारतीय बाजार पर छाये हुए है। इस पर तकनीकी में प्रशिक्षित युवाओं को, उद्यमियों को चिन्तन-मनन करके आगे बढकर राष्टड्ढ्र के निर्माण में सहयोग देना होगा तभी हमारा देश विकसित राष्टड्ढ्र बनेगा। इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी के लिये किसी भी कार्य-दिवस में महाप्रबंधक अथवा जनसम्पर्क अधिकारी जिला उद्योग केन्द्र से सम्पर्क स्थापित करें।
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