हिम्मत हो, हौसला हो तो दुनिया की वह
कौन सी चीज है, जिस पर जीत हासिल नहीं की जा सकती। इसी मूल मंत्र को लेकर
जिंदगी बिताई है इस गबरू ने। कभी लकवे के कारण हिलने से मौथाज हुए इस गबरू
को भारतीय अर्नोल्ड के नाम से जाना जाता है।
भारतीय बॉडीबिल्डर आनंद का शरीर कैंसर
के लकवे का शिकार हो गया था। उसके बाद भी अर्नोल्ड यानि आनंद ने हार नहीं
मानी। बल्कि कैंसर और लकवे को पीछे छोड़ इस गबरू ने 3 बार मिस्टर इंडिया का
खिताब जीतकर साबित कर दिया कि ज़िंदगी तुम्हारे हर इम्तिहान के लिए हमारी
तैयारी पूरी है।
आनंद की उम्र 15 साल थी जब उसे कैंसर हो
गया था। कैंसर ने उसके शरीर को बेजान कर दिया लेकिन हमेशा से बॉडीबिल्डर
बनने का सपना देखने वाले आनंद ने उम्मीद नहीं छोड़ी। कैंसर के इलाज के लिए
किए आपरेशन के बाद वह 3 सालों तक खाट के साथ लगा रहा। यह वह समय था, जब
बाकी सभी साथ छोड़ गए और आनंद का परिवार उस की ढाल बन कर खड़ा था।
परिवार की मदद से आनंद ने दोबारा
बॉडीबिल्डिंग में कदम रखने का मन बनाया और अपनी बीमारी पर जीत हासिल की।
आनंद अब तक 3 बार मिस्टर इंडिया का ख़िताब जीत चुका है और 12 बार मिस्टर
पंजाब रह चुका है। उसके करियर पर नज़र मारें तो उसके नाम पर 27 खिताब हैं
लेकिन यदि उसके जीवन पर नजर मारें जिससे सफलता उनके नाम है, वह गिने-चुने
लोगों के ही नसीब में होती है।

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