Saturday, 25 April 2015

बर्बाद फसल के सदमे ने ली 27 और किसानों की जान

लखनऊः सरकारों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से फसल बर्बादी, बैंकों व साहूकारों के कर्ज में फंसे किसानों के मरने का सिलसिला जारी है। बीते 24 घंटे में सूबे में 27 और किसानों ने दम तोड़ दिया। एटा में एक किसान ने सप्फास खाकर जान दे दी। सीतापुर में किसान ने फांसी लगा ली। बरेली व नोएडा में एक-एक किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया।


एटा के जलेसर के गांव लालपुर में किसान नरेंद्र ने बारिश और ओलावृष्टि में पूरी तरह फसल बर्बाद होने पर शुक्रवार को सल्फास खा लिया। सीतापुर में मछरेहटा के सकरारा गांव में राम सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आगरा लाते समय मौत हो गई।
बरेली के फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के बाकरगंज इलाके में किसान राजू ने बर्बाद फसल और कर्ज से परेशान होकर खुद को आग लगा ली। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नोएडा के जेवर कोतवाली के जहांगीरपुर कस्बे से सटे नेकपुर गांव में गुलबीर ने गेहूं के लांक में आग लगाकर छलांग लगा दी, लेकिन किसानों ने उसे बचा लिया। वह गेहूं की कम पैदावार से निराश था।


आगरा के फतेहाबाद तहसील के जगराजपुर में किसान ओम प्रकाश और एत्माद्पुर के गारापुरा में राजपाल की सदमे से मौत हो गई। शाहजहांपुर के खुटार के थाना क्षेत्र के गांव सिल्हुआ में रामप्रकाश और ¨सधौली के गांव खिरया रसूलपुर में दाताराम हार्टअटैक का दर्द सहन नहीं कर सके। रामपुर के सदर तहसील के आगापुर निवासी पुत्तन सलमानी और शाहबाद के तुरखेड़ा गांव की महिला किसान सरवती की भी मौत हो गई।


सम्भल जिले की सदर तहसील क्षेत्र के गांव दिलगोरा में वीरवती और बहजोई के आल पुर मैथरा में नेकपाल भी फसल की तबाही की पीड़ा बर्दाश्त नहीं कर पाए। अलीगढ़ के गभाना तहसील क्षेत्र के गांव गोकुलपुर में दरबर सिंह, गांव ओगर में ननुआ व अतरौली तहसील क्षेत्र के गांव बहरावद के संतोष की भी सदमे से मौत हो गई।


उधर, गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र के ध्रुवार्जुन गांव में शोभा राजभर, बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र के सोनबरसा गांव बैरिया में शंकर यादव और मीरपुर में मेरापुर निवासी राजू निषाद हार्ट अटैक से मौत हो गई। फतेहपुर में बिंदकी कोतवाली के रैपुरवा गांव निवासी रामशरण, बांदा में नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मोतियारी गांव निवासी शिवफल त्रिपाठी, कौशाम्बी के सदर तहसील के म्योहर गांव में एक किसान सदमे में चल बसे। प्रतापगढ़ के लालगंज तहसील में सांगीपुर के पास गोकुला गांव के राजेश वर्मा ने भी दम तोड़ दिया।


बाराबंकी के थाना जैदपुर के ग्राम इचौलिया में जंगबहादुर पटेल, लखीमपुर में सीताराम व सुदामा देवी की मौत हो गई। रायबरेली में शिवगढ़ क्षेत्र में रामेश्र्वर था बांदा में अतर्रा थानांतर्गत बल्लान गांव में धर्मराज की हार्टअटैक से मौत हो गई है। हरदोई में कोतवाली वेरुआ निजामपुर में राम आसरे भी सदमे में चल बसे।

पंचायतों में ‘सरपंच पति’ संस्कृति समाप्त करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचायतों में ‘सरपंच पति’ संस्कृति समाप्त करने का आह्वान करते हुए आज गरीबी उन्मूलन तथा शिक्षा के प्रचार-प्रसार में निर्वाचित ग्राम प्रतिनिधियों के लिए नेतृत्व वाली भूमिका की वकालत की। सरपंच पत्नियों के कामकाज में पतियों के कथित दखल के बारे में मोदी ने एक राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र किया। उनके अनुसार किसी ने उनसे कहा कि वह एस.पी. (सरपंच पति) है।  प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘एस.पी. का काम चल रहा है। कानून ने महिलाओं को अधिकार दिए। जब कानून उन्हें अधिकार देता है तो उन्हें अवसर भी मिलना चाहिए। इस एस.पी. संस्कृति को खत्म करें। उन्हें (महिलाओं को) अवसर दिया जाना चाहिए। उन्हें आगे बढ़ाया जाना चाहिए।’’
 
प्रधानमंत्री ने पंचायत स्तर पर नेतृत्व क्षमता विकसित करने, निरक्षरता तथा गरीबी मिटाने और पंचवर्षीय योजना तैयार करने का आज आह्वान किया। मोदी ने ‘अपना गांव अपना विकास’ का नया नारा बुलंद करते हुए पंचायतों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि उनके कार्यकाल में कोई बच्चा स्कूल नहीं छोड़ेगा और वे कम से कम 5 परिवारों को गरीबी से मुक्ति दिलाएंगे। महात्मा गांधी को उद्धृत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत गांवों में बसता है। हमें यह सोचने की जरूरत है कि हमारे गांवों का विकास कैसे हो। यहां तक कि सुदूरवर्ती गांव में भी लोगों के बड़े सपने हैं। सोचिए कि अपने गांव के लिए आप अगले 5 साल में क्या हासिल कर सकते हैं।’’
 
पंचायतों में महिलाओं के आरक्षण की अवधि 10 साल होगी
सरकार पंचायती राज्य संस्थाओं में महिलाओं का आरक्षण मौजूदा 5 साल से बढ़ाकर 10 साल करने के राज्यों के एक सुझाव को स्वीकार कर सकती है। ग्रामीण विकास मंत्री बीरेन्द्र सिंह ने आज यहां एक चर्चा के दौरान कहा कि राज्यों के कई प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया है कि आरक्षण के आधार पर 5 साल के एक कार्यकाल के लिए पंचायती राज संस्थाओं में चुनी जाने वाली महिला सदस्य ज्यादा कुछ कर पाने में अक्षम रहीं। 
 
उन्होंने बताया कि ये सुझाव हैं कि वार्ड एवं ब्लॉकों में महिला सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाकर 10 साल (दो कार्यकाल) कर दिया जाए, ताकि वे लंबी अवधि के लिए योजनाएं तैयार कर सकें। सरकार सुझाव स्वीकार कर सकती है।

Thursday, 23 April 2015

कूड़े के ढेर हटे, पानी से धुली सड़क

मेरठ : हाईकोर्ट के डंडे का असर दिखा। बुधवार को जिला प्रशासन व नगर निगम ग्रामीण क्षेत्रों से बुलाए गए सफाई कर्मियों की फौज के साथ शहर की सड़कों पर उतरा। ये काम हालांकि पहले भी किया जा सकता था, लेकिन शायद प्रशासन को अदालत की लताड़ का इंतजार था। हालांकि हड़तालियों ने मोर्चाबंदी की कोशिश की। टकराव के मद्देनजर शहर के चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात थी।
इससे पहले प्रशासन ने सुबह दस बजे तक का वक्त हड़ताली सफाईकर्मियों को फैसला लेने के लिए भी दिया। 12 बजे सफाई कर्मियों ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी हड़ताल टूटने वाली नहीं है। इसके साथ ही नगर आयुक्त एस के दुबे के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस व निगम अफसरों की फौज ग्रामीण सफाईकर्मियों के साथ तीनों डिपो से वाहन लेकर शहर में सफाई करने निकल पड़ी। शाम तक प्रमुख चौराहों, मार्गो पर जमा कूड़ा तथा डलावघरों से कूड़े के ढेर साफ किए गए। नगर आयुक्त एसके दुबे तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह ने बताया कि सफाई के लिए शहर को तीन जोन में बांटा गया जबकि कानून व्यवस्था के लिहाज से 32 सेक्टर बनाए गए। सभी सफाई निरीक्षकों तथा दोनों जोनल सेनेट्र्ी अफसरों की देखरेख में तीनों जोन में 72 से ज्यादा डलावघरों पर लगे कूड़े के ढ़ेर साफ कर दिए गए। आज तीनों जोन में 110 सफाई कर्मियों ने काम किया।
फिलहाल ये व्यवस्था
प्रत्येक वार्ड में आउटसोर्सिग पर काम करेंगे 10 सफाई कर्मचारी
नगर आयुक्त एसके दुबे ने बताया कि गुरुवार को भी ग्राम पंचायतों से सफाई कर्मियों को बुलाया जाएगा। कस्बों तथा नगर पालिकाओं से भी बेरोजगार युवकों को आउटसोर्सिग पर शहर में काम करने का मौका दिया जाएगा। महापौर के कैंप कार्यालय में बुधवार शाम को हुई कार्यकारिणी व अफसरों की बैठक में आउटसोर्सिग पर 10 सफाई कर्मचारी रखने का फैसला किया गया।
पहले दिन कितना साफ हुआ शहर
वाहन डिपो जुड़े वार्ड साफ हुए डलावघर
सूरजकुंड 34 31

दिल्ली रोड 32 21

कंकरखेड़ा 14 20

वर्जन

'देखते हैं कितने दिन चलती है ये व्यवस्था'

जिला प्रशासन द्वारा कराई जा रही सफाई का हम विरोध नहीं करेंगे। देखते हैं कि कितने दिन तक यह व्यवस्था रहती है। हाईकोर्ट का आदेश अफसरों के लिए है, शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी कोर्ट ने उन्हें दी है। हम अपनी हड़ताल पर कायम हैं।

छात्रों ने डीएम से की पब्लिक स्कूलों की शिकायत

मेरठ : शहर के पब्लिक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ डीएन डिग्री कालेज के छात्रों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने पब्लिक स्कूलों में हर साल फीस बढ़ाने, कोर्स बदलने, ड्रेस व किताबों को स्कूल में बेचने, प्रोस्पेक्टस में एकरूपता न होने व शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत दाखिले न करने का आरोप लगाया है। छात्रों की मांग पर जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी की अगुवाई में एक समिति बनाकर प्रधानाचार्यो संग बैठक करने का आदेश दिया। डीएम से मिलने वाले छात्रों में अमित, दीपक, अभिषेक, आकाश शर्मा, आकाश, हितेश, आशीष, सुधीर, शुभम आदि शामिल रहे।

57 करोड़ रुपये में हुई टीपू सुल्तान के शस्त्रों की नीलामी

मैसूर के अंतिम बादशाह टीपू सुल्तान के शस्त्र और कवच को नीलाम किया गया. हैदर अली के बड़े बेटे और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के पहले सिपाही टीपू सुल्तान के शस्त्रों की नीलामी से लगभग 57 करोड़ रुपये मिले.
21 अप्रैल को लंदन में आयोजित बोन्हैम्स इस्लामी एवं भारतीय कला नीलामी के दौरान टीपू सुल्तान की 30 वस्तुएं नीलाम की गईं. इसके खरीदार की पहचान गुप्त रखी गई है.
इस शस्त्रों में सबसे अधिक टीपू सुल्तान की दुर्लभ रत्न-जड़ित और बाघ के सिर के मूठ वाली तलवार रही. यह 20.45 करोड़ रुपये में बिकी. जबकि इसकी नीलामी में महज 57 से 76 लाख रुपये मिलने का ही अनुमान लगाया गया था.
बाघ टीपू सुल्तान की खास पसंद का जानवर था. यही कारण था कि उनकी पसंद की कलाकृतियों और शस्त्रों में बाघ की पट्टी का डिजाइन हुआ करता था.
उनकी तीन पहिए वाली तोप के 13.54 करोड़ रुपये जबकि उनकी पुरानी बंदूक के भी, अनुमान से सात गुनी अधिक कीमत, 6.86 करोड़ रुपये मिले.

तिब्बत में खतरनाक रफ्तार से पिघल रहे हैं ग्लेशियर

चीन के ग्लेशियर खासकर तिब्बत क्षेत्र वाले ग्लेशियर में पिछले 65 साल में करीब 7,600 वर्ग किलोमीटर (करीब 18 फीसदी) के ग्लेशियर गायब हो गए हैं. माउंट एवरेस्ट के आधार शिविर के पास भी बर्फ की मोटी परत प्रदूषण के बढ़ते स्तर की वजह से गायब हो गई हैं और वहां केवल पथरीली जमीन बची है.

एक चीनी अधिकारी ने बताया कि 1950 के बाद से हर साल 247 वर्ग किलोमीटर बर्फीले ग्लेशियर गायब हो रहे हैं. यहां तक कि माउंट कोमोलांगमा (एवरेस्ट का तिब्बती नाम) के पर्वतारोही भी हैरान हैं.

तिब्बत के पर्वतारोहण प्रशासन केंद्र के निदेशक झांग मिंगशिंग ने सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ से कहा, ‘समुद्र स्तर से 5,200 मीटर उपर स्थित कोमोलांगमा आधार शिविर पर बर्फ की मोटी चादर थी, लेकिन अब वहां कुछ नहीं है केवल पत्थर हैं.’ चीन में 46,000 से अधिक ग्लेशियर हैं जो दुनिया के कुल ग्लेशियर का करीब 14.5 फीसदी है. इनमें से ज्यादातर किंगहाई-तिब्बत पठार में हैं.

ग्लेशियर न सिर्फ ताजे पानी के बड़े भंडार होते हैं, साथ ही जलवायु प्रणाली के महत्वपूर्ण भाग भी होते हैं.

चीन के ग्लेशियर का सर्वेक्षण करने वाले दल के नेतृत्वकर्ता लियू शियिन ने कहा कि ग्लेशियर पिघलने की वजह से आपदाएं आएंगी.

बेटी को देख मां-बाप के उड़े होश


शहर के डैंटल कॉलेज में बी.डी.एस. फाइनल ईयर की छात्रा ने अपने घर में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। 
 
जानकारी के अनुसार स्थानीय कैनाल व्यू में रहती एक बी.डी.एस. की छात्रा जब घर में अकेली थी तो उसने पंखे से लटककर आत्महता कर ली। जब मां-बाप घर पहुंचे तो कमरे का दरवाजा खोलते ही दंग रह गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को स्थानीय प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। 
 
एस.एच.ओ. एस.पी. सिंह ने बताया कि छात्रा मिलन छाबड़ा (23) पुत्री राज कुमार ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार कॉलेज को बताया है। मृतका की मां ने भी कॉलेज की 2 लेक्चरर्स पर अपनी बेटी की मौत का कारण बताया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि  कॉलेज वालों ने उसकी बेटी को टैंशन देकर उसकी जान ली है। 
 
फिलहाल पुलिस ने मृतका की मां के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।