Friday, 27 March 2015

राजस्थान में संविदा कार्मिक समस्या निदान हेतु त्रिस्तरीय समिति- उ0प्र0 में कुछ ऐसा प्रयास जरूरी

राजस्थान सरकार द्वारा विभिन्न अपने सरकारी विभागों, सरकारी उपक्रमों या स्थानीय निकायों व सरकारी सहायता प्राप्त सस्थानों में कार्यरत संविदा आधारित कर्मचारियों, अधिकारियों की सेवा अवधि बढाने, नियमिति करण, या सेवा भर्तियों के सम्बधित समस्याओं के प्रभावी निरकारण हेतु तीन स्तरीय समितिया गठन इस वर्ष जनवरी २०१४ में किया गया था। इसके तहत विभागीय एवं राज्य स्तर पर स्थायी समितियों व मन्त्री मण्डलीय उपसमिति के गठन है। मन्त्री स्तर पर चिकित्सा मन्त्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ अध्यक्ष है। इस मन्त्री स्तर समिति मे सार्वजनिक निर्माण मन्त्री व सहकारिता राज्यमन्त्री सदस्य है। विभाग स्तर पर विभागाध्यक्ष तथा राज्य स्तर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव समित प्रमुख है।
इस समिति स्तर पर संविदा स्वरुप कार्य करने वाले कार्मिक या अधिकारी जहाँ अपने समस्या पर विचार होने से अब राहत महसूस कर रहे है, वहां इन संविदा को रखने की प्रक्रिया व इनसे काम लेने में श्रम कानूनों का मखौल उठाने वाला मे खलबली है तथा इन समितियों के उद्देश्य से समतियों को बरगराने के प्रयास में है। संविदा पर रखवाने या रखने व उनसे काम लेने में श्रम कानूनों की अनदेखी को धंधे से जोडने वालों को इन समिति गठन से झटका लगा है। इसके विपरीत देश के दूसरे राज्यों में राजस्थान की भांति संविदा व्यवस्था को बेहतर एवं भ्रष्टड्ढाचार मुक्त बनाने का प्रयास है।  

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