दिनांक 27 मार्च 2015 को जहरीला पदार्थ खाकर परीक्षतगढ़
के किसान राकेश कुमार बंुसल पुत्र श्री बेगराज बंसल द्वारा की गयी
आत्महत्या के सम्बन्ध में जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी
मवाना श्री अरविन्द कुमार सिंह ने दिनांक 28 मार्च 2015 को जांच
कर जांच आख्या जिलाधिकारी को प्रस्तुत की है। उपजिलाधिकारी
मवाना ने अपनी जांच आख्या में बताया कि गन्ना मूल्य भुगतान
बकाया व गन्ना समिति के कर्ज के सम्बन्ध में सचिव गन्ना विकास समिति
से जांच करायी गयी। जिसमें उसने बताया कि आत्महत्या करने वाला
कृषक राकेश पुत्र बेगराज निवासी अहमद नगर बढ़ला हाल निवासी
परीक्षतगढ़ का वर्ष 2013-14 पैराई सत्र में 243.84 कुन्तल गन्ना
सप्लाई हुआ था जिसका 66141.67 रूपये भुगतान बना जिसमें से
61264.87 रूपये का भुगतान हो चुका मात्र 4876 .80 रूपये एसएपी से
20 रूपये कम दर वाला ही अवशेष है। वर्तमान पैराई सत्र 2014-15
में 58.41 कुन्तल गन्ना सप्लाई हुआ जिसका 15843.72 रूपये अवशेष
है इस प्रकार दोनों सत्र का 20720.52 रूपये ही अवशेष है तथा
गन्ना समिति का उक्त कृषक पर ऋण/लोन बकाया नहीं था।
उपजिलाधिकारी मवाना ने बताया कि वर्षा ओलावृष्टि आदि से
फसल की क्षति तथा बैंक कर्ज के सम्बन्ध में तहसीलदार मवाना से
जांच करायी गयी उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि उक्त
कृषक के नाम खाता संख्या 183, खाता संख्या 400/1.501 हैक्ट0
खसरा संख्या 405/1.364 हैक्ट0 कुल 2 .किता 2.865 हैक्ट0 व
खाता संख्या 203 खसरा संख्या 115 अ रकबा 1.737 है0 खसरा संख्या 116
रकबा 1.338 है0 कुल क्षेत्रफल 3.075 हैक्ट भुमि ग्राम अहमद
नगर बढ़ला में तथा 0.507 हैैक्ट0 ग्राम सोना में बतौर सह
खातेदार के रूप में जिसमें से उक्त के हिस्से में 2.1450 हैक्ट0
भूमि ाती है जिस पर मौके पर गेहूं, गन्ना की फसल एवं आम का
बाग है। मौके पर निरीक्षण के समय पूर्व में हुई वर्षा व
ओलावृष्टि से फसल को कोई नुकसान नही है। खतौनी से स्पष्ट
हुआ कि उक्त कृषक ने 7-01-2009 को स्टेट बैंक आफ
इण्डिया दुर्वेशपुर से 1.5 लाख रूपये का लोन लेकर भूमि बन्धक
की हुई है जो कि भूमि के सापेक्ष बैंक से लिए लोन काफी कम
है। उन्होनंे बताया कि इनकी आर्थिक स्थिति भी सामान्य
थी।
उन्होंने बताया कि मृतक के भाई राम किशन बंसल द्वारा
थाना परीक्षतगढ़ में 27 मार्च 205 में दी गयी तहरीर की जांच
प्रभारी निरीक्षक थाना परीक्षतगढ़ एवं सीओ सदर देहात से करायी गयी
आख्या में उन्होंने बताया कि मृतक ने तीन वर्ष पूर्व पुरानी
गुड़ मंडी में मकान खरीद था तथा उसमें निवास कर रहा था।
इसके द्वारा परीक्षतगढ़ मार्केट में दो दुकानें खरीदी गयी थी एक
पर स्वयं किराना एवं परचून की दुकान थी वह दुकान चल नहीं पायी।
उसने अपनी दुकान को बन्द कर दिया इस व्यापार में उसे घटा हुआ
था उसने दोनों दुकानें किराये पर दे थी। घाटे के कारण
गृह कलेश व पत्नी से वाद विवाद हो जाता था। इस कारण पिछले जीन
माह से डिप्रेशन में था और इसी के वशीभूत जहरीला पदार्थ
खा लिया। उपजिलाधिकारी मवाना ने अपनी रिपोर्ट में राकेश कुमार
बंसल की आत्महत्या का कारण बकाया गन्ना भुगतान, फसल की क्षति,
बैक व सोसायटी का कर्जा के कारण प्रथम दृष्टया प्रतीत नही होना
बताया है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आत्महत्या का
सही कारण पुलिस विवेचना के समाप्ति के बाद ही निष्कृर्षित किया जा
सकता है।
आत्महत्या के सम्बन्ध में जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी
मवाना श्री अरविन्द कुमार सिंह ने दिनांक 28 मार्च 2015 को जांच
कर जांच आख्या जिलाधिकारी को प्रस्तुत की है। उपजिलाधिकारी
मवाना ने अपनी जांच आख्या में बताया कि गन्ना मूल्य भुगतान
बकाया व गन्ना समिति के कर्ज के सम्बन्ध में सचिव गन्ना विकास समिति
से जांच करायी गयी। जिसमें उसने बताया कि आत्महत्या करने वाला
कृषक राकेश पुत्र बेगराज निवासी अहमद नगर बढ़ला हाल निवासी
परीक्षतगढ़ का वर्ष 2013-14 पैराई सत्र में 243.84 कुन्तल गन्ना
सप्लाई हुआ था जिसका 66141.67 रूपये भुगतान बना जिसमें से
61264.87 रूपये का भुगतान हो चुका मात्र 4876 .80 रूपये एसएपी से
20 रूपये कम दर वाला ही अवशेष है। वर्तमान पैराई सत्र 2014-15
में 58.41 कुन्तल गन्ना सप्लाई हुआ जिसका 15843.72 रूपये अवशेष
है इस प्रकार दोनों सत्र का 20720.52 रूपये ही अवशेष है तथा
गन्ना समिति का उक्त कृषक पर ऋण/लोन बकाया नहीं था।
उपजिलाधिकारी मवाना ने बताया कि वर्षा ओलावृष्टि आदि से
फसल की क्षति तथा बैंक कर्ज के सम्बन्ध में तहसीलदार मवाना से
जांच करायी गयी उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि उक्त
कृषक के नाम खाता संख्या 183, खाता संख्या 400/1.501 हैक्ट0
खसरा संख्या 405/1.364 हैक्ट0 कुल 2 .किता 2.865 हैक्ट0 व
खाता संख्या 203 खसरा संख्या 115 अ रकबा 1.737 है0 खसरा संख्या 116
रकबा 1.338 है0 कुल क्षेत्रफल 3.075 हैक्ट भुमि ग्राम अहमद
नगर बढ़ला में तथा 0.507 हैैक्ट0 ग्राम सोना में बतौर सह
खातेदार के रूप में जिसमें से उक्त के हिस्से में 2.1450 हैक्ट0
भूमि ाती है जिस पर मौके पर गेहूं, गन्ना की फसल एवं आम का
बाग है। मौके पर निरीक्षण के समय पूर्व में हुई वर्षा व
ओलावृष्टि से फसल को कोई नुकसान नही है। खतौनी से स्पष्ट
हुआ कि उक्त कृषक ने 7-01-2009 को स्टेट बैंक आफ
इण्डिया दुर्वेशपुर से 1.5 लाख रूपये का लोन लेकर भूमि बन्धक
की हुई है जो कि भूमि के सापेक्ष बैंक से लिए लोन काफी कम
है। उन्होनंे बताया कि इनकी आर्थिक स्थिति भी सामान्य
थी।
उन्होंने बताया कि मृतक के भाई राम किशन बंसल द्वारा
थाना परीक्षतगढ़ में 27 मार्च 205 में दी गयी तहरीर की जांच
प्रभारी निरीक्षक थाना परीक्षतगढ़ एवं सीओ सदर देहात से करायी गयी
आख्या में उन्होंने बताया कि मृतक ने तीन वर्ष पूर्व पुरानी
गुड़ मंडी में मकान खरीद था तथा उसमें निवास कर रहा था।
इसके द्वारा परीक्षतगढ़ मार्केट में दो दुकानें खरीदी गयी थी एक
पर स्वयं किराना एवं परचून की दुकान थी वह दुकान चल नहीं पायी।
उसने अपनी दुकान को बन्द कर दिया इस व्यापार में उसे घटा हुआ
था उसने दोनों दुकानें किराये पर दे थी। घाटे के कारण
गृह कलेश व पत्नी से वाद विवाद हो जाता था। इस कारण पिछले जीन
माह से डिप्रेशन में था और इसी के वशीभूत जहरीला पदार्थ
खा लिया। उपजिलाधिकारी मवाना ने अपनी रिपोर्ट में राकेश कुमार
बंसल की आत्महत्या का कारण बकाया गन्ना भुगतान, फसल की क्षति,
बैक व सोसायटी का कर्जा के कारण प्रथम दृष्टया प्रतीत नही होना
बताया है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आत्महत्या का
सही कारण पुलिस विवेचना के समाप्ति के बाद ही निष्कृर्षित किया जा
सकता है।
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