देश के पर्यटन क्षेत्र द्वारा भारी राजस्व जुटाने में राजग सरकार जुट गई है। केन्द्रीय पर्यटन मंत्री ने बताया कि अगले साल तक पर्यटकों की संख्या दुगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार ने देशी-विदेशी पर्यटकों को लुभाने के लिए तीन नीतियां बनाई हैंरू-
१. स्वच्छता प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के तहत अगले तीन महीनों में उन सभी स्मारकों को पूरी तरह से स्वच्छ-सुन्दर बनाया जाएगा, जहाँ बहुत ज्यादा पर्यटक सैर-सपाट के लिए आते हैं।
२. सुरक्षा विदेशी पर्यटकों के साथ देश को शरमिंदा करने वाला कोई बुरा हादसा न हो, इसके लिए कड़ा कानून बनाने की तैयारी चल रही है, जिसमें विदेशी पर्यटक को छूना भी अपराध माना जाएगा।
उनकी संपूर्ण सुरक्षा के लिए चैबीस घंटे का फ्री विशेष सहायता नंबर चालू किया जाएगा। पर्यटन मंत्रालय अलग से सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति करेगा।
३. सत्कार देश की प्राचीन परंपरा श्अतिथि देवो भव्य (मेहमान भगवान होता है) की विचार धारा को साकार करने के लिए पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को पूरा मान-सम्मान प्रदान किए जाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए श्हुनर से रोजगार तक्य कार्यक्रम के अंतर्गत युवा गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे नवयुवकों को रोजगार के नए मौके मिलेंगे, बेरोजगारी घटेगी।
भारत पर्यटन क्षेत्र में कहाँ है?
१. विदेशी पर्यटकों का भारत आगमन रू ७२ लाख
२. अंतरराष्टड्ढ्रीय पर्यटकों के आगमन में भारत का स्थान ४२वां
३. अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में भारत की
हिस्सेदारी ०.६४
४. पर्यटन राजस्व के हिसाब से भारत का स्थान १६वां
५. चीन और थाइलैंड जैसे एशियाई देशों के मुकाबले
भारत बहुत पीछे है, जहाँ क्रमश सालाना ५.५७ और
२.६५ करोड़ पर्यटक आते हैं।
१. स्वच्छता प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के तहत अगले तीन महीनों में उन सभी स्मारकों को पूरी तरह से स्वच्छ-सुन्दर बनाया जाएगा, जहाँ बहुत ज्यादा पर्यटक सैर-सपाट के लिए आते हैं।
२. सुरक्षा विदेशी पर्यटकों के साथ देश को शरमिंदा करने वाला कोई बुरा हादसा न हो, इसके लिए कड़ा कानून बनाने की तैयारी चल रही है, जिसमें विदेशी पर्यटक को छूना भी अपराध माना जाएगा।
उनकी संपूर्ण सुरक्षा के लिए चैबीस घंटे का फ्री विशेष सहायता नंबर चालू किया जाएगा। पर्यटन मंत्रालय अलग से सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति करेगा।
३. सत्कार देश की प्राचीन परंपरा श्अतिथि देवो भव्य (मेहमान भगवान होता है) की विचार धारा को साकार करने के लिए पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को पूरा मान-सम्मान प्रदान किए जाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए श्हुनर से रोजगार तक्य कार्यक्रम के अंतर्गत युवा गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे नवयुवकों को रोजगार के नए मौके मिलेंगे, बेरोजगारी घटेगी।
भारत पर्यटन क्षेत्र में कहाँ है?
१. विदेशी पर्यटकों का भारत आगमन रू ७२ लाख
२. अंतरराष्टड्ढ्रीय पर्यटकों के आगमन में भारत का स्थान ४२वां
३. अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में भारत की
हिस्सेदारी ०.६४
४. पर्यटन राजस्व के हिसाब से भारत का स्थान १६वां
५. चीन और थाइलैंड जैसे एशियाई देशों के मुकाबले
भारत बहुत पीछे है, जहाँ क्रमश सालाना ५.५७ और
२.६५ करोड़ पर्यटक आते हैं।
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