महानगरों में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति हिंसा को रोकने के लिए मोबाइल कंपनी मिताशी ने नया स्मार्टफोन श्मिताशी प्लेयर सीनियर फ्रेंड्य लॉन्च किया है। आधुनिक तकनीक से लैस यह स्मार्टफोन बुजुर्गों और अनपढ़ लोगों के लिए काफी फ्रेंडली है। मोबाइल कंपनी मिताशी ने अनपढ़ और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मोबाइल में कई फीचर जैसे एसओएस, रंगीन कोडित आइकन्स को भी प्रमुखता दी है। कंपनी का दावा है कि इससे बुजुर्गों के प्रति शहरों में होने वाले अपराधों और हिंसा में कमी आएगी। मोबाइल फोन का नाम भी श्मिताशी प्लेयर सीनियर फ्रेंड्य रखा गया है।
कंपनी के उपाध्यक्ष अदनान चारा ने बताया कि स्मार्टफोन में आइकंस काफी बड़े हैं, जिन्हें देखकर ही समझा जा सकता है और वरिष्ठ नागरिक जिनकी नजर कमजोर हो चुकी है, वे भी उसे आसानी से समझ सकते हैं। इससे वे वीडियो रिकॉर्डिग आसानी से और अच्छी क्वालिटी में कर सकते हैं। इसके साथ ही वीडियो कॉलिंग की भी सुविधा है। एसओएस के ऑप्शन में जाकर वे किसी भी व्यक्ति या इमरजेंसी नंबर पर अपनी समस्या से अवगत करा सकते है। एसओएस ऑप्शन टच करते ही स्मार्टफोन के ऐप में दर्ज तीन लोगों को मैसेज प्राप्त होगा और तीस सेंकेड बाद कॉल भी अपने आप लग जाएगी, इससे वे पुलिस व अन्य परिजनों केा सूचित कर सकते हैं।
गौरतलब है कि नई पीढ़ी स्मार्टफोन को खूब पसंद कर रही है। वरिष्ठ नागरिक इच्छा होते हुए भी कई कारणों से उनका प्रयोग नहीं कर पा रहे थे। इसका मुख्य कारण वरिन्ष्ठ नागरिगकों के लिए यह तकनीक फे्रंडली न होना था।
देश के पांच प्रतिशत बुजुर्गों केा कंपनियां एक ऐसे वर्ग के रूप में देख रही हैं जिनके पास ऐसे आुधनिक स्मार्ट फोन खरीदने की क्षमता भी है। इसलिए इन वरिष्ठ नागरिकों को अपने बाजार में शामिल करने के लिए मोबाइल कंपनियों ने ऐसे स्मार्टफोन बनाना शुरू कर दिया है, जो बुजुर्गों और अनपढ़ लोगों से फ्रेंडली हों।
एक उपभोक्ता के युवा बेटे ने बताया कि पहले मेरे मैसेज भेजने पर मेरे मां-पापा ठीक से पढ़ नहीं पाते थे पर इस मोबाइल में मैसेज काफी बड़ा दिखता है, जिसे बिना किसी चश्मे के आराम से पढ़ा जा सकता है।
कंपनी के उपाध्यक्ष अदनान चारा ने बताया कि स्मार्टफोन में आइकंस काफी बड़े हैं, जिन्हें देखकर ही समझा जा सकता है और वरिष्ठ नागरिक जिनकी नजर कमजोर हो चुकी है, वे भी उसे आसानी से समझ सकते हैं। इससे वे वीडियो रिकॉर्डिग आसानी से और अच्छी क्वालिटी में कर सकते हैं। इसके साथ ही वीडियो कॉलिंग की भी सुविधा है। एसओएस के ऑप्शन में जाकर वे किसी भी व्यक्ति या इमरजेंसी नंबर पर अपनी समस्या से अवगत करा सकते है। एसओएस ऑप्शन टच करते ही स्मार्टफोन के ऐप में दर्ज तीन लोगों को मैसेज प्राप्त होगा और तीस सेंकेड बाद कॉल भी अपने आप लग जाएगी, इससे वे पुलिस व अन्य परिजनों केा सूचित कर सकते हैं।
गौरतलब है कि नई पीढ़ी स्मार्टफोन को खूब पसंद कर रही है। वरिष्ठ नागरिक इच्छा होते हुए भी कई कारणों से उनका प्रयोग नहीं कर पा रहे थे। इसका मुख्य कारण वरिन्ष्ठ नागरिगकों के लिए यह तकनीक फे्रंडली न होना था।
देश के पांच प्रतिशत बुजुर्गों केा कंपनियां एक ऐसे वर्ग के रूप में देख रही हैं जिनके पास ऐसे आुधनिक स्मार्ट फोन खरीदने की क्षमता भी है। इसलिए इन वरिष्ठ नागरिकों को अपने बाजार में शामिल करने के लिए मोबाइल कंपनियों ने ऐसे स्मार्टफोन बनाना शुरू कर दिया है, जो बुजुर्गों और अनपढ़ लोगों से फ्रेंडली हों।
एक उपभोक्ता के युवा बेटे ने बताया कि पहले मेरे मैसेज भेजने पर मेरे मां-पापा ठीक से पढ़ नहीं पाते थे पर इस मोबाइल में मैसेज काफी बड़ा दिखता है, जिसे बिना किसी चश्मे के आराम से पढ़ा जा सकता है।
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