Saturday, 28 March 2015

बिजली मे ठेकेदारों द्वारा श्रमिक सप्लाई श्रम विभाग में पंजीकरण तक नहीं

बिजली विभाग सहित कुछ सरकारी अर्द्ध सरकारी संस्थानों में श्रमिक व कुछ श्रमिक आदि स्तर की पूर्ति करने वाली अधिकतर फर्म संविदा श्रम (विनियमन एवं उत्पादन) अधिनियम १९७० के अन्र्तगत अधिष्ठापन के पंजीयन एवं संविदा कारों के द्वारा लाईसेन्स प्राप्त किए बिना बिजली इकाईयों से संविदा अनुबन्ध हो रहा है, इससे श्रम विभाग की अंसगठित श्रमिकों के लिए योजनाओं का लाभ तो दूर संविदा पर रखने वाले बिजली उपक्रम के ई.पी.एफ व बीमा का लाभ भी नही पा रहे है। बिजली विभाग में परिचालन व्यवस्था मे लगे श्रमिक जिनमे कुशल-अकुशल सभी डेढ लाख बिजली दुघर्टना की कीमत पा रहे है। कहने का अभिप्राय है कि बिजली विभाग में नियमित भर्ति न होकर ठेके पर परिचालन व्यवस्था या संविदा पर करके जिस तरह शोषण की प्रक्रिया चल रही है। राजस्थान की भांति संविदा समस्याओं पर समिति बनाकर विचार हो। प्रदेश मे एक प्रक्रिया हो तथा अनुभव योग्यता पर उन्हे नियमित सेवा मिले। 

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