Friday, 3 April 2015

बिजली विभाग में अनुबन्ध सेवा-निवृत्त रखना भ्रष्ट्राचार है

उ०प्र० पावर कारपोरेशन द्वारा राजस्व वसूली व बिजली चोरी रोकने तथा विद्युत हानियों पर नियंत्रण व बिजली आपूर्ति की निरन्तरता हेतु जरूरत के हिसाब से नियमित स्टाफ कम होने को देखते हुए समय-समय पर अनुबन्ध पर परिचालन एवं कार्यालय में कार्य हेेतु सेवा निवृत कार्मिकों की व्यवस्था की हुई है। इस व्यवस्था को बनाये दस वर्ष से अधिक हो गए है पर न संतोष जनक बिजली आपूर्ति है, न ही अपेक्षित राजस्व वसूली व विद्युत हानियों मे कमी या बिजली चोरी रूकी है। इन दस वर्षों में बढा है तो भ्रष्टड्ढाचार व इन माध्यमों को कुछ स्तर पर अतिरिक्त आय का माध्यम बना लिया गया है। यह आरोप विद्युत उपभोक्ता सेवा समिति व बिजली कामगारों के प्रमुख संगठन विद्युत मजूदर पंचायत उ0प्र0 का है। अनुबन्ध स्टाफ मे कम मजदूरी वह भी समय पर नही तथा.... अनुबन्धित स्टाफ में खेल है कि अनुबन्ध से कम मजदूरी भुगतान व अनुबन्ध की शर्त फण्ड, बीमा व अन्य प्रदत्त सुविधाएं तथा परिचय कार्ड या नियुक्ति पत्र सभी की अनेदखी इसके ऊपर मजदूरी महीनों भुगतान नहीं, इसके लिए भी आन्दोलन का दुघर्टना में आसानी से कार्मिक होने से इंकारी। अनुबन्धित कार्मिकों के द्वारा उपभोक्ता व विभाग से लूट। बिजली मुफ्त में जलाना अलग। गुनाहगारी पर उस स्थान से हटा देना। वह दूसरे स्थान पर विभाग में खुले काम  पर लग जाता है ऐसे भ्रष्टड्ढाचार पर कार्यवाही।  सेवा निवृत को रखने के मानक नही जो है खुल्ला उल्लंघन-भ्रष्टड्ढाचार की गंध सेवा निवृत कार्मिकों, अधिकारियों को संविदा नाम पर रखने के यूं तो मानक नहीं, व्यवस्था खुले रूप से नही-नही अवदेन की सार्वजनिकता। व्यवस्था है, मानकता है अधिकारी से निकटता। इसका परिणाम बनाई गई  व्यवस्था कि जो कार्मिक जिस कार्य व इकाई से सेवा निवृत हुआ है उस स्थान व कार्य पर नही रखा जाता उसका रास्ता निकाला कि आवेदन व सस्ंतुति अन्य स्थान से कार्य उस स्थान पर जहां से सेवा निवृत है तथा कार्य सेवा मे रहते किया है। व्यवस्था का दुरूपयोग ऐसा की पेंशन कार्य हेतु एक इकाई में एक नियमित दो-तीन संविदा व एक-दो अन्यत्र माध्यम से। लिपिक कार्य मानेदय में बढ़ोतरी नही अन्य पद संविदा मानदेय में भारी बढ़ोत्तरी जली विभाग में गजब का खेल की सेवा निवृति बाद अधिकारी व कार्यालय अधीक्षक व लेखाकार, लेखाधिकारी पदोन्नत पद पर सविंदा सभी के मानेदय में भारी बढ़ोत्तरी दोहरा माप दण्ड। अधिकारी सेवा निवृत को सविंदा पूरे वर्ष जबकि लिपिको आदि की कुछ की अप्रैल से सितम्बर व कुछ की सितम्बर से आगे इकाईयां सभी से अप्रैल से कार्य करा रही है तथा सस्ंतुति पूरे वर्ष की है। संविदा व्यवस्था के अनुसार कार्य के अनुसार अल्प समय का प्राविधान है। इस वर्ष संविदा सेवा निवृत ४-५ माह बाद पिछली तारीखों से करने वह भी करने के तरीके पर भ्रष्टड्ढाचार इस व्यवस्था में बढने से इंकार पीडित नही कर रहे है।  जांच हो समाजवादी युवजन सभा व विद्युत उपभोक्ता सेवा समिति ने मेरठ प्रबन्धन निदेशक स्तर से सेवा निवृत कार्मिकों को दोहरी नीति से मानदेय भुगतान, संविदा पर रखने की व्यवस्था व अनुबंध पर परिचालन रखने उन्हे भुगतान व उन अनुबन्ध द्वारा स्टाफ देने वाली एजेन्सी के श्रम विभाग में पंजीकरण आदि की जांच ३ या साल से कराने की मांग की गई है। किराये के वाहनों के कर्मशियल टैक्स चोरी जांच होनी चाहिए की बिजली विभाग में किराये के वाहनों को रखने में कार्मिशियल टैक्स अदा न करने वाले वाहनों को रखे जो रहे है। इनसे इन टैक्स चोरी को कराई जा रही है। अनुबन्ध वाहनों पर व विभाग के लोगों द्वारा अपने वाहनों पर उ०प्र० सरकार किस अधिकार से प्लेट आदि से अंकित करने को बढावा मिला हुआ है।

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