Friday, 3 April 2015

बिजली चोरी चैकिंग

बिजली की भारी कमी से प्रदेश वासियों में भारी गुस्से से बिजली चोरी रोकने के लिए चलाये जा रहे चैकिंग अभियान को मुख्यमंत्री ने इसे तुरन्त रोके जाने के निर्देश दिए है। मुख्यमन्त्री के इस निर्णय का जहा बिजली प्रशासन कर्मियों ने स्वागत किया है वहां क्षेत्र के बिजली प्रशासन मे घबराहट  है कि इस चैकिंग से राजस्व वसूली लक्ष्य पाने मे सहुलियत हो रही थी अब वसूली की इस रोक से प्रभावित होगी।
      सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने आने वाले उप-चुनाव की रणनीति के तहद सरकार का फैसला बताते है। गत लोकसभा चुनाव के दौरान बिजली राजस्व वसूली के लिए बिजली कन्कशन काटे जाने व पुलिस रिपोर्ट के चलते प्रदेश सतावा दल अपने का मत न मिलने का कारण मान कर इन उप-चुनाव में इस तरह की नारजगी से बचने के लिए ही इस फैसले को लिया गया मानते है।
      प्रदेश सरकार का बिजली दरों मे वृद्धि को रोका जाना भी इन उपचुनाव को दृष्टिड्ढगत रखते हुए ही माना जा रहा है। इन उप चुनाव के बाद बिजली की दरो मे वृद्धि व कन्कशन लेना मंहगे के साथ बिजली चैकिंग अभियान शुरू होने को मिलने वाला तगड़ा झटका मान रहे है।
     मुख्यमन्त्री द्वारा बिजली के नये कन्कशन देने की विशेष अभियान रूप में चलाया जाना विभाग व जनता दोनों के हित में रहा और जनता के अपेक्षा की कि यह अभियान लगातार जारी रहे। विभाग के आकड़ों के अनुसार मेरठ के ग्रामीण क्षेत्र ने इस अभियान का शहरी क्षेत्र से अधिक लाभ उठाया। ग्रामीण क्षेत्र मे ११ हजार ५७१ के लक्ष्य के विपरीत  ३३ हजार १३ उपभोक्ता विभाग के नये बनाये। शहरी क्षेत्र में १० हजार ९६४ के लक्ष्य के विपरीत ३५५१ नये उपभोक्ता बनें।
     विद्युत उपभोक्ता सेवा समिति ने मांग की है कि बिजली प्रबन्धन इस बात की जांच करे कि अभियान के अन्र्तगत उपभोक्ता इस स्तर तक बढें इमसे स्पष्टड्ढ है कि नियमित नये कक्कशन की प्रक्रिया मे क्या कमी है या जिम्मेदार है, जो उपभोक्ता कन्कशन नही ले पा रहा था। इस जांच से कमियां खोजकर जिम्मेदारी निर्धारण के बाद फिर अभियान द्वारा कन्कशन देने की जरूरत भी नही होगी तथा बिना बिजली कन्कशन बिजली इस्तेमाल करने वालों में कमी आयेगी।
     बिजली के नये कन्कशन प्रक्रिया का लाभ जनता को दिलाने मे विभाग के प्रमुख सचिव उर्जा से जिला प्रशासन तक जागरूकता कराई गई जिम्मेदारी निर्वहन किया गया ऐसे प्रयास बिजली बचत व इसके दुरुपयोग को रोकने व बिजली सेवा देने में हो तो विभाग के प्रति जन आक्रोश मे कमी आयेगी।
 ठेका या फ्रेचाइंजी व्यवस्था से टिकाऊ कार्य संस्कृति बेहतर सेवा नही
वरिष्ठ नागरिक फोरम सदभावना समिति ने मुख्यमंत्री से उम्मीद की है कि अपनी योग्यता का परिचय बिजली व्यवस्था की बेहतरी की जरूरत मानते हुए विभाग से ठेकेदारी व फ्रेचाइंजी को वितरण व्यवस्था मे कम करने का सुझाव दिया है।

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