वर्ल्डकप में रनों और शतकों की बारिश के बावजूद बल्लेबाजी के बादशाह सचिन तेंदुलकर का एक टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड नहीं टूट पाया। सचिन ने दक्षिण अफ्रीका में 2003 में हुए वर्ल्डकप में 11 मैचों में 61.18 के औसत और एक शतक तथा छह अर्धशतकों की मदद से 673 रन बनाए थे। इस वर्ल्डकप में ग्रुप मैचों में जिस तरह बल्लेबाजी में नए रिकॉर्ड बन रहे थे उसे देखते हुए मास्टर ब्लास्टर का यह रिकॉर्ड खतरे में नजर आ रहा था। लेकिन वर्ल्डकप खत्म होने के बाद यह रिकॉर्ड अपनी जगह सही सलामत है। वर्ल्डकप के ग्रुप चरण में श्रीलंकाई रन मशीन कुमार संगकारा लगातार चार शतक ठोकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके थे उपविजेता न्यूजीलैंड के मार्टिन गुप्टिल ने नाबाद 237 और वेस्ट इंडीज के क्रिस गेल ने 215 रन ठोक दिए थे। दक्षिण अफ्रीका के एबी डीविलियर्स ने सबसे तेज डेढ़ सौ रन बनाए थे। टूर्नामेंट में कुल 37 शतक बने थे जो वर्ल्डकप का नया रिकॉर्ड था रनों और शतकों की इस आंधी के बावजूद सचिन का रिकॉर्ड अपनी जगह डटा रहा। न्यूजीलैंड के मार्टिन गुप्टिल ने नौ मैचों में 68.37 के औसत और दो शतक और एक अर्धशतक की मदद से सबसे ज्यादा 547 रन बनाए लेकिन वह सचिन के रिकॉर्ड से काफी दूर रहे। गुप्टिल एक टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में अब सचिन (673), ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन (659) और श्रीलंका के माहेला जयवर्धने (548) के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं।

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