Wednesday, 8 April 2015

खाकी हो या सेना वर्दी बजे बिक्री के नियम है पर

 नियम के अनुसार कैप, ब्रैज या बेल्ट की बिक्री से पूर्व उस सेवा में होने की पुष्टिड्ढ दुकानदार को करनी है कि ग्राहक उस सेवा मे है जिसका बैज या बेल्ट या कैप खरीद रहा है। इसको लिए परिचय कार्ड व तैनाती स्थान से लिख हुआ अनुमति पत्र दुकानदार के लिए लेना अनिवार्य है। खाकी की आड़ में गत वर्ष सितम्बर से मेरठ में ही दस घटनाएं पुलिस वर्दी में हो चुकी है। दिसम्बर माह में ही ४ व जन0 मे दो व फरवरी इस वर्ष लगातार ३ व ४ को घटनाएं हो चुकी है।
पुलिस की वर्दी की सर्तकता हेतु मेरठ रेज पुलिस प्रमुख द्वारा दुकानदारों पर ही बात डाल दी है कि निर्देश दिए जा रहे है वर्दी आई कार्ड देखकर दें। इसमें दुकानदार क्या करेगा कि कहा जाये की भाई के लिए वर्दी गिफ्ट करनी है वर्दी दे दो आई कार्ड नही।
 बेहतर हो दुकानदार पुलिस व सेना वर्दी का लिखित में रिकॉर्ड रखें तथा सेना व पुलिस स्तर से अनुमति देने व आई कार्ड से वर्दी खरीद कराई जाये। पुरानी वर्दी बाजार में बिक्री बंद हो तथा सेवानिवृत्त उपरान्त खाकी या सेना चिन्हित रंग का इस्तेमाल निजी सुरक्षा में रुके। बिजली उपकेन्द्र में रात्री प्रवेश हेतु सख्त प्रबन्ध किए जाये। रात्रि मे दो हथियार युक्त सुरक्षा गार्ड अनिवार्य हो।

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