पुलिसवर्दी में ही हापुड़ जनपद के हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के आनन्द विहार स्थित के बिजली घर पर ५ एम वी के ट्रांस फार्मर से बिजली घर मे करीब ३० लाख का कापर लूट ले गये। बिजलीघर पर मौजूद बिजली विभाग का एसएसओ व एक अन्य कर्मचारी को गन पाइंट पर बधंक बनाने का समाचार है। इस घटना की सूचना के घंटो बाद मौके पर एक सिपाही होमगार्ड के साथ पहुंचना घटना की गम्भीरता को दिखाता है। चार पांच घंटे कर्मचारी बधक रहे और बदमाशों ने ट्रांस फार्मर खोल कर उससे कोपर निकाला। पुलिस ने एमएसओ व मौैजूद कर्मचारी से पूछताछ हेतु थाने बैठाया व पुलिस जल्द खुलाये की बात किए है। इसके अगले दिन औरगाबाद में नीली बती लगी गार्ड से बिजली घर लूट का प्रयास रात्री में किया गया।
पुलिसवर्दी की आसान उपलब्धता एवं उसे पहनकर वारदात करने का खौफ में सरकार-शासन-प्रशासन पुलिस व बिजली व अन्य विभाग या जनता का न सोचना तथा यूं ही लुटवाते रहना या लूटते रहना चलता रहेगा या फिर वास्तविक रूप में पुलिस के कार्य करने पर भी बदमाश उन्हे मानकर उसके कार्य वाधित करना मजदूरी न होगी तो क्या करना होगा। कुछ मामलों में जब पुलिस की बदमाश समझ कर घेरा बंदी हुई है तो सरकारी कार्य में बाधा के मुकदमेां की कार्यवाही तो बेधड़क होती है परन्तु पुलिसवर्दी पहन बदमाशों की कार्यवाही के मामलों में लीपा पोती कब तक चलेगी, यह गम्भीर चितंन करना होगा। सभव है कही अनदेखी असहनीय स्थिति न बना दें। अनधिकृत पुलिसवर्दी या मिलट्री ड्रेस या चिन्ह उनमें वाहनों पर भी अंकित करना संज्ञेय अपराध बनाया जाना जरूरी है इसमें लाल नीली बत्ती या हूटर भी है। हमारा मानना है इसकी निगरानी कत्र्ताओं की अनदेखी भी अपराध श्रेणी में रखा जाये उन्हे जबाव देही बनाया जाये। षडयंत्र की संज्ञा में रखा जाये।
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