विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह उस समय नए विवाद में फंस गए जब उन्होंने यमन से लोगों को निकालने के अभियान की तुलना हाल में पाकिस्तानी मिशन के अपने दौरे से कर दी। उन्होंने बाद में ट्विटर पर टिप्पणी करते हुए मीडिया को Presstitutes कह दिया। भारतीयों को निकालने के अभियान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने जिबूती में कहा, 'सच बताऊं तो यमन में (बाहर निकालने का) अभियान पाकिस्तानी दूतावास जाने से कम रोमांचक है। कांग्रेस सहित राजनीतिक दलों की ओर से उनकी टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया आने पर उन्होंने एक टीवी चैनल को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने देर रात एक ट्वीट में कहा, 'दोस्तों आप ‘प्रेसटीट्यूट्स’ से क्या उम्मीद करते हैं?' उन्होंने कहा कि पिछली बार टीवी एंकर ने सोचा कि स्पेलिंग में ‘ई’ की जगह ‘ओ’ है। हालांकि अधिकारियों ने यहां कहा कि मंत्री व्यंग्य कस रहे थे और उनकी टिप्पणियां मीडिया के संबंध में थीं।
वीके सिंह ने अपने ट्वीट से ऐसे मीडिया संस्थानों पर निशाना साधा है जो पाकिस्तान दिवस में शामिल होने को लेकर उन पर हमला कर रहे थे।
गौरतलब है कि मार्च 2015 में पाकिस्तान दिवस पर वीके सिंह पाकिस्तान दूतावास में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। बवाल मचने के बाद उन्होंने इसे लेकर ट्विउटर पर कई ट्वीट भी किए थे और इसे एक ड्यूटी बताया था।
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